दिल्ली में देश और विदेशी पयर्टकों को लुभाने वाली 10 ऐतिहासित स्थल और इमारतें,जाने इनकी खासियत

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Delhi Heritage Placesदिल्ली के भीतर मंदिर गुरुद्वारे चर्च और मस्जिदों तक एक ऐसा संगम दिखाई देता है जो दूसरी जगहों पर बामुश्किल ही मिलता है।

दिल्ली में एक साथ ही कई संस्कृतियों के दर्शन भी किए जा सकते हैं।Delhi Historic Monuments: राजधानी दिल्ली पौराणिक इतिहास की भी गवाह रही है।

इसलिए दिल्ली को इतिहास और आधुनिकता का केंद्र भी कहा जाता है। यहां कई सारी इमारतें ऐसी हैं, जो भारतीय ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटकों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित

करती हैं।दिल्ली के भीतर मंदिर, गुरुद्वारे, चर्च और मस्जिदों तक एक ऐसा संगम दिखाई देता है, जो दूसरी जगहों पर बामुश्किल ही मिलता है।

दिल्ली में एक साथ ही कई संस्कृतियों के दर्शन भी किए जा सकते हैं। जानिए देश की राजधानी दिल्ली में देश और विदेशी पयर्टकों को लुभाने वाली ऐतिहासित स्थल और इमारतें।

1-अक्षरधाम मंदिर (Akshardham Temple) . विश्व के सबसे बड़े मंदिरों में शुमार यह मंदिर हर किसी को आश्चर्यचकित करने के लिए काफी है। यह एक स्वामिनाराण मंदिर है।

इसकी खासियत है कि एक बार इसमें प्रवेश करने के बाद आप बाहरी दुनिया से कुछ समय के लिए खुद को अलग महसूस करेंगे।

अक्षरधाम मंदिर कई भागों में बंटा हुआ है। जिसमें नौका विहार, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शाम में समय होता वॉटर शो आदि सभी आपको आनंद की अनुभूति कराने के लिए काफी हैं।

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2-कमल मंदिर (Kamal Temple)

दिल्ली के बहाई स्थल कही जानेवाली यह जगह उपासना केंद्र है। ऐसा माना जाता है कि यहां बिल्कुल शांत माहौल मिलता है। यहां हर जाति, धर्म के लोग आते हैं

और ध्यान करते हैं।यह कमल के नाम पर बना स्थल है। ऐसा माना जाता है कि कमल का फूल शांति व पवित्रता का प्रतीक है इसी का संदेश देते हुए इस स्थान का निर्माण किया गया है।

3-इस्कॉन मंदिर (ISKCON Temple)

भगवान श्रीकृष्ण का यह मंदिर अपने भीतर एक विशाल भव्यता को समेटे हुए हैं। भगवान श्रीकृष्ण और राधा को समर्पित यह मंदिर हर साल जन्माष्टमी पर फूलों से दुल्हन की

भांति सजाया जाता है।यह विधि विधान से पूजा अर्चना की परंपरा है। सालभर में कई धार्मिक कार्यक्रम इस मंदिर परिसर

में आयोजित किए जाते हैं। यहां बड़ी संख्या में हर साल विदेेशी पर्यटक आकर भगवान श्रीकृष्ण का दर्शन करते हैं।

4-लाल किला (Red Fort)

मुगल वास्तुकला से निर्मित यह लाल किला भी काफी लोकप्रिय है। इसके भीतर आपको संग्राहलय देखने को भी मिलेगा।

इसके साथ ही पारंपरिक हस्तशिल्प और सजावटी सामान, कृत्रिम गहने और मीना बाजार को भी जगमगाते हुए देखा जा सकता है।

लाल किले को प्रसिद्ध दिल्ली पर्यटन स्थल माना जाता है। यहां भ्रमण करने वाले लोग लाल किले के हर एक दृश्य को कैमरे में कैद करना नहीं भूलते हैं।

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5-इंडिया गेट (India Gate)

इसकी खासयित है कि राष्ट्रपति भवन की सीध में बना हुआ है। इंडिया गेट को देखते ही विश्व युद्व में शहीद होने वाले जवानों की याद ताजा कर देता है।

इस स्थल पर सभी शहीदों के नाम अंकित हैं और सुंदर आकृतियां भी दीवारों पर उकेरी गई हैं।यहां दिन-रात,आँधी-तूफान,

साल के हर एक दिन यहाँ जलती अमर जवान ज्योति उन वीरों की दास्तान बयान करती है। अपने देश प्रेम को थोड़ा जाग्रित करते हुए आप इसकी वीरता के गवाह बन सकते है।

6- क़ुतुब मीनार (Qutub Minar)

कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा बनवाई गई यह इमारत भी काफी प्रसिद्व है। इसे यूनेस्को विश्व विरासत स्थल में शामिल किया गया है।इसके समीप ही एक लौह स्तम्भ बना है

जिसकी ख़ासियत यह है कि इसपर आज तक जंग नहीं लगा। इसको पिकनिक स्थल के तौर पर भी लोग काफी पसंद करते हैं।

7-हुमायूँ का मकबरा (Humayuns Tomb)

इस स्थान को हुमायूँ की पत्नी हाजी बेगम ने बनवाया था। लाल पत्थर व संगमरमर के संगम से बना यह मकबरा भी मुगल वास्तुकला का प्रशंसनीय उदाहरण है।

यहाँ हुमायूँ के साथ ही साथ मुगलों के कुछ खास सदस्यों की समाधि बनी है। ऊँची-ऊँची पथरीली सीढ़ियाँ, बड़े-बड़े कलात्मक दरवाज़े प्राचीनता को दर्शाने के लिए काफी हैं।

8-छत्तरपुर मंदिर (Chhatarpur Temple)

दक्षिणी दिल्ली के इस मंदिर को आध्यात्मिकता का केंद्र भी माना जाता है। भगवान शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण, हनुमान, लक्ष्मी माता की प्रतिमाएं हर इंसान को भक्ति के सागर में

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डुबाने के लिए काफी हैं। धार्मिक प्रवृति के व्यक्ति को यहां आकर काफी बल मिलता है। यानी उसके मन व आत्मा को शांति की प्राप्ति होती है।

वैसे यह मंदिर मां दुर्गा के स्वरूप कात्यायनी को समर्पित है। 70 एकड़ की ज़मीन पर फैले इस मंदिर की वास्तुकला भी सराहनीय है।

9-जामा मस्जिद (Jama Masjid)

पुरानी दिल्ली में स्थित जामा मस्जिद का इतिहास काफी पुराना है। इंडो-इस्लामिक व मुगल वास्तुकला से बना यह मस्जिद शाहजहाँ का सबसे प्राचीन इमारत है।

यहां एक साथ 25 हजार से अधिक श्रद्धालु आ सकते हैं। अक्सर ईद के मौके पर यहां काफी भीड़ रहती है। यहां पर्यटकों को प्रवेश का कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है।

10-नेशनल रेल म्यूज़ियम (National Rail Museum)

नेशनल रेल म्यूजियम में पुरानी रेलों को एक ऐतिहिसक विरासत के तौर पर रखा गया है। यहां पर्यटक टॉय ट्रेन के साथ डीजल इंजन और स्टीम इंजन वाली ट्रेनों को भी देख सकते हैं।

रेलों के भ्रमण के साथ ही पर्यटकों को लजीज भोजन भी आसानी से उपलब्ध हो जाता है। यहां स्कूलों की छुटटी के मौके पर बच्चे अपने माता-पिता के साथ भ्रमण के लिए आते हैं।