दिल्ली के पहाड़गंज इलाके मे नए ठेको को लेकर लोगो मे आक्रोश, ठेका खोले जाने के विरोध में धरने पर बैठे लोग

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Delhi Liquor Policy दिल्ली के पहाड़गंज की चूना मंडी में ठेका खोलने के विरोध में निवासी धरने पर बैठे हैं। इस मामले का संज्ञान लेते हुए विधायक ने ठेका नहीं खोलने को

लेकर आबकारी आयुक्त को पत्र लिखा है। विरोध प्रदर्शन का यह क्रम कई दिनों से जारी है।राष्ट्रीय राजधानी में शराब के ठेके से विवाद कम नहीं हो रहा है।

अब पुरानी आबकारी नीति के अनुसार ठेके खोले जाने का भी विरोध होने लगा है। पहाड़गंज के चूना मंडी में ऐसे ही एक खोले जा रहे ठेके के विरोध में स्थानीय निवासी धरने पर बैठे

हैं। राजगुरु रोड पर पांच-छह दिन से विरोध-प्रदर्शन का क्रम जारी है।लोगों का आरोप है कि जिस स्थान पर यह ठेका खोला जा रहा है। वहां लोग रहते हैं।

वह इलाके का मुख्य मार्ग है। उससे 22 गलियां जुड़ती हैं। जिस इमारत में इसे खोला जा रहा है। खुद उसमें भी सात-आठ परिवार रहता है।

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बहू-बेटियों का घर से निकलना होगा मुश्किल’

एक निवासी नितिन गुप्ता ने कहा कि इस ठेके के खुलने से यहां बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। स्थानीय लोगों का सड़क आना-जाना व बहू-बेटियों का घर से बाहर निकलना मुश्किल

हो जाएगा। आस-पास और ठेके के ऊपर के फ्लैटों में रहते लोगों का तो 24 घंटे जीना मुहाल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि ठेके का विरोध स्थानीय लोगों के साथ ही व्यापारिक संगठन भी कर रहे हैं।

इस मामले को लेकर वह केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद मीनाक्षी लेखी व विधायक विशेष रवि के पास भी गए थे। दोनों ने उन लोगों की आपत्तियों को सही बताते हुए उचित कार्रवाई

का भरोसा दिया है। वैसे, इस ठेके की मौजूदगी को लेकर स्थानीय विधायक ने भी आपत्ति जताई है।

शिकायत को लेकर आबकारी आयुक्त को लिखा गया पत्र विशेष रवि ने इस संबंध में आबकारी आयुक्त को पत्र लिखा है तथा ठेका को यहां नहीं खोलने की मांग की है। उनके मुताबिक यह घनी आबादी वाला क्षेत्र है।

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इस मार्ग पर कई धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं का कार्यालय भी है। ऊपर से थोड़ी दूर पर पंचकुइयां व देशबंधु गुप्ता मार्ग पर पहले से ठेका है। ऐसे में यहां इसकी आवश्यकता नहीं है।

नई आबकारी नीति के मामले की सीबीआइ जांच से विवाद के बाद दिल्ली सरकार ने नई की जगह पुरानी नीति ही लागू करने

का फैसला किया है। उस आधार पर एक सितंबर से शराब की बिक्री होगी। उसके लिए नए सिरे से ठेके खोले जा रहे हैं।