ब्लैकआउट हुआ तो भी मेट्रो ट्रेन में नहीं फंसेंगे पैसेंजर, डीएमआरसी ने दिलाया भरोसा

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दिल्ली मेट्रो के 28वें स्थापना दिवस पर डीएमआरसी के नवनियुक्त मैनेजिंग डायरेक्ट विकास कुमार ने वर्तमान में चल रहे बिजली संकट के सिलसिले में दिल्ली-एनसीआर के लोगों और मेट्रो के सभी मुसाफिरों को भरोसा दिलाया कि मेट्रो में अलग-से ऐसे इंतजाम किए गए हैं कि अगर ब्लैकआउट जैसी कोई स्थिति आती भी है, तो यात्री बीच रास्ते में ट्रेनों के अंदर फंसे नहीं रहेंगे। बल्कि ट्रेनों को सुरक्षित तरीके से नजदीकी स्टेशनों तक पहुंचाकर उन्हें खाली कराया जा सकता है और यात्रियों की सुरक्षित निकासी को सुनिश्चित किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि पूरी दिल्ली में बिजली की जितनी खपत होती है, उसका मात्र 2 पर्सेंट दिल्ली मेट्रो इस्तेमाल करती है। दिल्ली मेट्रो को प्रतिदिन करीब 30 लाख यूनिट बिजली की जरूरत पड़ती है, जो उसे अलग-अलग ग्रिड से मिलती है, लेकिन इसके अलावा आपातकालीन स्थिति के लिए पूरे मेट्रो नेटवर्क में जेनरेटर सेट, यूपीएस, इनवर्टर और अन्य तरीकों से बिजली की सप्लाई के कुछ ऐसे इंतजाम भी किए हुए हैं, ताकि पावर सप्लाई पूरी तरह ठप होने पर भी यात्रियों को कहीं फंसे न रहना पड़े। उन्होंने बताया कि दिल्ली मेट्रो को अभी पर्याप्त बिजली मिल रही है और किसी प्रकार का कोई संकट फिलहाल नजर नहीं आ रहा है।

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विकास कुमार ने बताया कि कोविड की वजह से मेट्रो की राइडरशिप में जो गिरावट आई थी, उसमें भी अब सुधार आता जा रहा है और करीब 75 प्रतिशत राइडरशिप अचीव की जा चुकी है। उम्मीद है कि जल्द ही पहली वाली या उससे बेहतर स्थिति कायम हो सकेगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि फेज-4 का काम भी तय समय पर पूरा किया जाएगा। द्वारका में बन रहे इंटरनैशनल कन्वेंशन सेंटर को मेट्रो के जरिए द्वारका सेक्टर-21 से जोड़ने के लिए यहां जो नया मेट्रो कॉरिडोर और एक नया मेट्रो स्टेशन बनाया गया है, वह भी अगस्त तक खुल जाएगा।