दिल्ली वालों के लिए जानलेवा साबित हो रहीं क्लस्टर बसें, साल दर साल बढ़ रही हादसों की संख्या

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दिल्ली के लोगों के लिए क्लस्टर बसें जानलेवा साबित हो रही हैं। इनसे होने वाली सड़क दुर्घटनाएं साल दर साल बढ़ती ही जा रही हैं। इसका कारण मुख्यरूप से बस चालकों द्वारा अनियंत्रित गति और लापरवाही के साथ बसों को चलाना है। चालकों की लापरवाही का आलम यह है कि कई बार बसों को निर्धारित लेन में बने बस स्टाप को छोड़कर इन्हें बीच में भी खड़ा हुआ देखा जा सकता है। क्लस्टर बस चालकों की लापरवाही से हर साल 20 से 25 लोग असमय मौत के मुंह में चले जाते हैं।

साथ ही कई लोग शारीरिक अक्षमता के शिकार हो जाते हैं। हाल ही में 30 अप्रैल को जंगपुरा में क्लस्टर बस की टक्कर से चार लोग घायल हो गए। इसमें एक स्कूटी चालक की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, 26 अप्रैल को द्वारका इलाके में बाइक से गिरी एक महिला का पैर क्लस्टर बस ने कुचल दिया। इसके अलावा हाल ही के महीनों में कई सड़क दुर्घटनाएं क्लस्टर बसों के कारण हुई हैं। इनमें सीधे तौर पर चालकों की लापरवाही देखने को मिली है।

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परिवहन विभाग द्वारा बसों के लिए लागू किए गए लेन में चलने के नियम की भी क्लस्टर बस चालक जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में सबसे अधिक चालान क्लस्टर बस चालकों के हैं। साल 2019 से लेकर 2021 तक साल दर साल क्लस्टर बसों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।



यह है क्लस्टर बस से होने वाली दुर्घटना का कारण


ब्लॉकडीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन के महामंत्री मनोज शर्मा ने बताया कि क्लस्टर बसों का संचालन करने वाली संस्था दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी माडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड (डिम्ट्स) द्वारा अप्रशिक्षित चालकों को भर्ती किया जाता है। इनमें अधिकतर ब्लू लाइन बसों के चालक भी हैं। नियमानुसार तीन साल पुराने हैवी ड्राइविंग लाइसेंस वाले चालकों को ही बस चलाने की अनुमति है। लेकिन, डिम्ट्स एक दो साल पुराने हैवी लाइसेंस वाले चालकों को भी भर्ती कर रहा है, जिससे सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं।

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इसके साथ ही क्लस्टर बस चालकों को आठ घंटे में प्रतिदिन 120 किलोमीटर बस चलाने का लक्ष्य है। यह पूरा न होने पर उनके मानदेय और इंसेंटिव में कटौती की जाती है। इससे भी लक्ष्य पूरा करने के मानसिक दबाव में रहते हैं।

बस लेन में अतिक्रमण होने और जाम की समस्या के चलते क्लस्टर बस चालकों को अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए तेज गति से बस चलानी पड़ती हैं। साथ ही रूट के कई बस स्टैंड पर बिना रोके बस भी नहीं रोकते हैं। इससे क्लस्टर बसों से होने वाले सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेन व्यवस्था लागू होने के बाद चालकों के लिए किलोमीटर का लक्ष्य पूरा करना अत्यधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।





बस चालकों पर कार्रवाई को लेकर सरकार ने दी थी ये जानकारी


कुछ दिन पहले दिल्ली विधानसभा में पूछे गए बस चालकों की शिकायतों पर की गई कार्रवाई के सवाल के जवाब में बताया गया कि परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने एक दिसंबर 2021 से लेकर एक मार्च 2022 तक बसों के 1896 चालान काटे गए हैं। साथ ही 921 बसें जब्त कर ली गई हैं। अनियमित तरीके से बस चलाने के आरोप में 2021 में 44 चालकों को बस चलाने के कार्य से हटा दिया है। साथ ही परिवहन विभाग ने पत्र लिखकर डीटीसी और डिम्ट्स प्रबंधन को कहा है कि बस लेन में चलाने सहित सभी संबंधित नियमों का पालन करने के लिए चालकों को जागरूक करें। क्लस्टर बसों द्वारा हादसे

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