इरादा कर लिया है, हम इन्हें ऐसा पढ़ाएंगे…’. दिल्ली सरकार ने लॉन्च किया शिक्षा गीत, जो समझाएगा शिक्षा का असली मकसद: अरविंद केजरीवाल।

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दिल्ली सरकार ने एक शिक्षा गीत लॉन्च किया है. इसके बोल हैं – ‘इरादा कर लिया है, हम इन्हें ऐसा पढ़ाएंगे…’. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejariwal) और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने मंगलवार, 19 अप्रैल 2022 को दिल्ली एजुकेशन सॉन्ग लॉन्च किया. इसके लिए दिल्ली शिक्षा निदेशालय द्वारा त्यागराज स्टेडियम (आईएनए) में कार्यक्रम रखा गया था. इस कार्यक्रम की लाइव वेबकास्टिंग भी की गई है. आप दिल्ली डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन की वेबसाइट edudel.nic.in पर जाकर पूरा गाना देख और सुन सकते हैं. इसके अलावा आप इस खबर में भी दिल्ली शिक्षा गीत (Delhi Shiksha Geet) का पूरा वीडियो देख सकते हैं.

दिल्ली सरकार का कहना है कि ‘यह गाना शिक्षा के लिए उनके विज़न और मिशन बुनियाद (Mission Buniyaad Delhi Govt) की प्रगति की समीक्षा को दर्शाता है. दिल्ली के सरकारी स्कूलों के उत्थान (Delhi Govt Schools) को समर्पित है.’

इस गीत के बारे में ट्वीट करते हुए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने लिखा कि ‘एक इंसान अपने जीवन के महत्वपूर्ण 20 साल शिक्षा को देता है. लेकिन 20 साल लंबी शिक्षा देकर हम क्या चाहते हैं? हमारा इरादा क्या है? बच्चा, माता-पिता, समाज और राष्ट्र शिक्षा से चाहते क्या हैं? इन्हीं सवालों के जवाब देता – #दिल्ली_शिक्षा_गीत रिलीज हो रहा है.’

इसके बारे में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लिखा, ‘आइए, देश के हर बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा देने की बात करें. शिक्षा के माध्यम से देश को आगे ले जाने की बात करें.’ उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे दिल्ली का ये शिक्षा गीत (Shiksha Geet Delhi Govt) जरूर सुनें.’

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पहला प्रदेश जिसका अपना शिक्षा गीत: सिसोदिया
लॉन्चिंग प्रोग्राम में मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘दिल्ली देश और दुनिया का पहला प्रदेश है जिसका अपना शिक्षा गीत बना है. आलोक श्रीवास्तव ने इस गीत को शब्द दिए हैं. शान और स्नेहा शंकर ने इस गीत को अपनी आवाज दी है. दुनिया का शायद ही कोई ऐसा शिक्षा विभाग होगा जो ये न मानता हो कि ये तो मेरा भी इरादा था.’

सिसोदिया ने कहा कि ‘पिछले 5-7 साल के सफर में दिल्ली के सरकारी स्कूलों (Delhi Govt Schools) को बेहतर बनाया गया. लेकिन अगर कोई पूछे कि इतना स्कूलों में कर रहे हो आपका इरादा क्या है? छात्रों के जीवन के 14 से 20 साल पढ़ाई में लग जाते हैं. हमने 68 पन्ने की नई एजुकेशन पॉलिसी (NEP) में जो चीजें करने की कोशिश की वो इस गीत में हैं. इस गाने में बताया गया है कि हमारा इरादा क्या है. हमारा इरादा फाइव स्टार बिल्डिंग या सुविधाएं देने का या अच्छे नतीजे देने का नहीं है, इनस कहीं ऊपर है.’

रोज छात्रों व शिक्षकों को सुनना होगा यह गीत
मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘इस गीत को सरकारी कार्यक्रम में पेश किए गए गीत के रूप में नहीं लेंगे. हर रोज छात्रों और शिक्षकों को इसे सुनना है. हमारा इरादा पढ़े लिखे लोग खड़े करना है. शिक्षक इस गाने को दो नंबर देने के लिए रटवाएं नहीं, बल्कि इसे जीना सिखाएं. बच्चों को इतनी छूट दें कि वो भी बोल सकें. शिक्षा मंत्री से लेकर अध्यापक तक अगर कुछ गलत करता है या बोलता है, तो उसपर सवाल उठा सकें.’

क्या सिखाता है दिल्ली शिक्षा गीत


दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि ‘अगर जाति का छोटा बड़ा होना हमारे अंदर रह गया तो हमने पढ़ा ही क्या? मैं लड़कों को खास तौर से कहना चाहता हूं कि हमारे घरों में मां बहन और दोस्त होती हैं. अगर हम भूलकर भी किसी के लिए कुछ गलत सोचते हैं तो पढ़ा ही क्या? देश भर के स्कूलों से निकलने वाले छात्रों को सोचना चाहिए कि अगर ऐसा कुछ किया तो पढ़ा ही क्या?’

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