मकान आवंटन के लिए ई-आवास पोर्टल बना रही है दिल्ली सरकार, राहत की उम्मीद

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दिल्ली सरकार पहले केंद्र सरकार के ई-आवास पोर्टल के माध्यम से अपने मकान आवंटित करती थी, लेकिन करीब सवा साल पहले केंद्र सरकार ने अपने ई-आवास पोर्टल की सेवाएं दिल्ली सरकार को देनी बंद कर दी। इस कारण दिल्ली सरकार अपने मकान ऑनलाइन आवंटित नहीं कर पाई है।

राजधानी में आवास की समस्या होने के कारण दिल्ली सरकार अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को मकान उपलब्ध कराती है। उसने कई स्थानों पर सभी श्रेणी के अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों के लिए मकान बना रखे हैं। वह यह मकान आवंटित करने के लिए ई प्रणाली का उपयोग करती है। दिल्ली सरकार के अनुसार इस मामले में वह केंद्र सरकार के ई-आवास पोर्टल की मदद ले रही थी, लेकिन केंद्र सरकार ने एक दिसंबर 2021 को अपने ई-आवास पोर्टल की सेवाएं उसे देनी बंद कर दी।

उधर, अब दिल्ली सरकार ने अपना पोर्टल बनाने का कार्य शुरू किया है। यह पोर्टल जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद दिल्ली सरकार अपने पोर्टल से मकानों का आवंटन करने की प्रक्रिया आरंभ करेगी। दिल्ली सरकार के इस पोर्टल पर मकान लेने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को आवेदन करना होगा।

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इस पोर्टल पर सभी श्रेणी के खाली मकानों की सूची होगी और मकान लेने के लिए आवेदन करने वाले की सूची होगी। दिल्ली सरकार के अनुसार द्वारका सेक्टर-तीन, सनलाईट कालोनी, गिरी नगर कालोनी, कल्याणवास, मयूर विहार फेस-दो, कॉमनवेल्थ गेम्स, कड़कड़डूमा, नीमड़ी कालोनी, हैदरपुर और रोहिणी सेक्टर-11 में उसके मकान खाली है। इन स्थानों पर उसके विभिन्न श्रेणी के करीब पांच सौ मकान डेढ़ वर्ष से अधिक समय से खाली है।