दिल्ली से मेरठ के बीच दौड़ेगी रैपिड ट्रेन, लम्बा का सफर चंद मिनटों में होगा तय।

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दिल्ली से मेरठ का सफर और भी आसान होने जा रहा है। दिल्ली से मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल तय समय से पहले दौड़ सकती है। एनसीआरटीसी के एमडी ने उच्चाधिकारियों के साथ काम का निरीक्षण किया।

दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के कार्यों की प्रगति ऐसी है कि यह तय समय से पहले दौड़ सकती है। साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किमी के प्राथमिकता खंड में ट्रैक का कार्य पूर्ण हो चुका है। पांच स्टेशनों का कार्य फाइनल होने पर है।

अब इसमें विभिन्न सिस्टम को लगाया जा रहा है। 65 किलोमीटर का कार्य भी तेजी से चल रहा है।शनिवार को आरआरटीएस कॉरिडोर के प्राथमिकता खंड में तेजी से किए जा रहे निर्माण कार्यों का एनसीआरटीसी के एमडी विनय कुमार सिंह ने निरीक्षण किया।

उन्होंने प्रोजेक्ट के कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण की शुरुआत उन्होंने साहिबाबाद स्टेशन से की। साहिबाबाद स्टेशन पर सिविल निर्माण लगभग समाप्त हो गया है। स्टेशन की छत और अन्य फिनिशिंग के कार्य पूरे किए जा रहे हैं।

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उसके बाद एलिवेटेड ट्रैक से ही गाज़ियाबाद स्टेशन पहुंचे।उन्होंने गाज़ियाबाद रिसीविंग सब स्टेशन (आरएसएस) का भी निरीक्षण किया, जो पूरी तरह से तैयार हो गया है। गाज़ियाबाद स्टेशन के निर्माण का मुआयना किया।

उसके बाद वह गुलधर की ओर पहुंचे। उन्होंने गुलधर स्टेशन के निर्माण का भी निरीक्षण किया। फिर एलिवेटेड ट्रैक से ही दुहाई स्टेशन तक पहुंचे। उन्होंने दुहाई स्टेशन के निर्माण का भी ब्योरा लिया।

पहले ट्रेनसेट के ट्रायल की जानकारी ली
दुहाई डिपो में एमडी और अन्य उच्चाधिकारियों ने सावली प्लांट पहुंचने से पहले रैपिड रेल ट्रेनसेट के ट्रायल की तैयारियों की जानकारी ली।

बताया गया कि ट्रायल रन से पहले ट्रेनों की विभिन्न तरह की टेस्टिंग की जाए। सभी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के बाद ही इसे ट्रायल के लिए ट्रैक पर उतारा जाए। अगस्त-सितंबर में ट्रायल की जानकारी दी गई।

कांवड़ की तैयारियों का लिया जाएयजा
एमडी ने रैपिड के निर्माण कार्यों के साथ कांवड़ यात्रा के लिए एनसीआरटीसी द्वारा किए जा रहे उपायों की समीक्षा की।

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ट्रैफिक मार्शलों की संख्या बढ़ाने, ट्रैफिक डायवर्जन स्कीम लागू करने, इंपैक्ट प्रोटेक्शन व्हीकल का प्रयोग बढ़ाने, रोप लाइटिंग की उपलब्धता आदि के निर्देश दिए।