मेट्रो यात्रियों के सामान की सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम, एक घंटे में होगी 550 बैग की जांच

``` ```

सफर में यात्रियों को अब मेट्रो में अपने जरूरी सामान की चिंता नहीं सताएगी। मेट्रो स्टेशनों पर साल के अंत तक मौजूदा 250 एक्स रे बैगेज स्कैनिंग सिस्टम को उन्नत (अपग्रेड) कर दिया जाएगा। इससे कम समय में अधिक यात्रियों के सामान की सुरक्षा जांच के अलावा भीड़ भी नहीं होगी। अब एक घंटे में 550 बैग की सुरक्षा जांच की जा सकेगी

मौजूदा प्रणाली के लिए फिलहाल यह आंकड़ा 350 है। इसके उन्नत होने से खास तौर पर महिलाओं और बुजुर्गों को सफर में सहूलियतें बढ़ जाएंगी। इसके लिए कंवेयर (सुरक्षा जांच उपकरण का हिस्सा) की ऊंचाई को कम करने की सुविधा है। विशेष कैमरे भी लगे होंगे। फिलहाल दिल्ली मेट्रो के मौजूदा स्टेशन पर 34 ऐसी प्रणाली को अपग्रेड कर दिया गया है।

फिलहाल कश्मीरी गेट, एम्स, विश्वविद्यालय, हुडा सिटी सेंटर, राजौरी गार्डन, मयूर विहार फेज-1, नोएडा सेक्टर-18, पालम सहित प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के अनुकूल विशेष व्यवस्थाओं वाले बैगेज स्कैनर लगाए जा चुके हैं। दिल्ली मेट्रो के स्टेशनों पर एक्स-रेबैगेज स्कैनिंग सिस्टम को दिल्ली मेट्रोरेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) की ओर से चरणबद्ध तरीके से उन्नत किया जाएगा। सुरक्षा जांच के लिए प्रणाली को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है।
कर्मियों को भी सहूलियत
स्कैनिंग मशीन पर ड्यूटी पर तैनात बैगेज ऑपरेटर के लिए भी सुविधाएं बेहतर की जाएंगी। इसके तहत वायरलेस सेट, मेटल डिटेक्टर, मोबाइल फोन, यूनिफॉर्म और चार्जिंग पोर्ट के अलावा पानी की बोतल रखने के लिए हैंगर की भी सुविधा होगी। इससे सुरक्षा जांच के दौरान कर्मियों को भी परेशानियों का सामना नहीं करना होगा। उन्हें भी एक ही जगह पर सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

यह भी पढ़ें  दिल्ली रेलवे ने किया एलान, यात्रियों को देगी तोहफा,अब इन कोचों में भी मिलेगा सफर के दौरान कम्बल और चादर

ये हैं नवीन प्रणाली की खासियत
कम वक्त में होगी जांच : स्कैनर से अब प्रति घंटा 550 बैग की जांच की जा सकेगी। पहले यह आंकड़ा 350 था, जिसे बढ़ाया जा रहा है। कन्वेयर बेल्ट की गति 18 सेमी प्रति सेकेंड से बढ़ाकर 30 की गई है। इससे सुरक्षा जांच में कम वक्त लगेगा और भीड़ भी नहीं बढ़ेगी।

संदिग्ध सामान की आसानी से पहचान : स्कैनिंग के दौरान हाई रिजॉल्यूशन इमेज वाले मॉनिटर से किसी विस्फोटक, हथियार या किसी खतरनाक वस्तुओं की तत्काल पहचान की जा सकेगी।

कन्वेयर का झुकाव : इस आधुनिक सुरक्षा जांच प्रणाली के कंवेयर बेल्ट को हाथों से नीचे झुकाया जा सकेगा। इससे अपने सामान रखने या बाहर निकालने में बुजुर्ग या महिला यात्रियों को सहूलियत होगी, क्योंकि कम ऊंचाई पर सामान रखने की सुविधा होगी।

निगरानी : बैगेज स्कैनर के ठीक ऊपर लगा 360 डिग्री घूमने वाला कैमरा लगा होगा। इससे चोरी, यात्रियों के सामान की सुरक्षा सहित कर्मियों के साथ विवाद की स्थिति में ऑडियो या वीडियो फुटेज हासिल किए जा सकेंगे।

यह भी पढ़ें  दिल्ली से अलवर का हाईवे हुआ तैयार,एक-डेढ़ घंटे का सफर सिमट जाएगा में 20 मिनट में। देखे रूट।