दिल्ली से कानपुर-लखनऊ समेत कई शहरों का सफर जल्द होगा आसान, बनेगा 380 किमी लंबा Expressway। देखे लिस्ट

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब एक्सप्रेस-वे प्रदेश बनता जा रहा है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के बाद अब गाजियाबाद-लखनऊ एक्सप्रेस-वे भी बनेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गाजियाबाद के सांसद वीके सिंह के अनुरोध पर शुक्रवार को गाजियाबाद से कानपुर तक ग्रीनफील्ड इकोनामिक कारिडोर निर्माण को हरी झंड़ी दे दी है।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे को जोड़ेगा


380 किलोमीटर लंबाई वाला कारिडोर 2025 तक बनकर तैयार होगा। यह कारिडोर लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे को जोड़ेगा। इसके साथ ही लोगों को प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक का सरल, सुगम और जाममुक्त यातायात का एक और सपना पूरा हो जाएगा। इसके निर्माण के बाद गाजियाबाद, हापुड़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से से जुड़े लोगों को यमुना एक्सप्रेस-वे पर जाने की जरूरत नहीं होगी।

दिल्ली से लखनऊ जाने के लिए मिलेगा नया रास्ता


लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे बनने के बाद दिल्ली से लखनऊ जाने के लिए लोगों को एक नया रास्ता भी मिल जाएगा। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण की घोषणा 23 दिसंबर 2021 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा गाजियाबाद में दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन समारोह के मौके पर की थी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस प्रोजेक्ट को गाजियाबाद- हापुड़- कानपुर -उन्नाव ग्रीनफील्ड इकोनामिक कारिडोर का नाम दिया है।

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केंद्रीय राज्यमंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी



केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह ने ट्वीट करके यह जानकारी दी। उनके मुताबिक इस कारिडोर के लिए जमीन का अधिग्रहण आठ लेन के एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर किया जाएगा। शुरुआत में सिर्फ चार लेन की सड़क का निर्माण किया जाएगा। यह कारिडोर लखनऊ से कानपुर के बीच बर रहे एक्सप्रेस-वे को उन्नाव और कानपुर के बीच जोड़ेगा जबकि गाजियाबाद और हापुड में मौजूदा मेरठ एक्सप्रेस-वे को जोड़ेगा।

यह कारिडोर मेरठ एक्सप्रेसवे को दो जगह पर जोड़ते हुए बनाया जा रहा है। पहले डासना -मसूरी के आगे गाजियाबाद की सीमा से एनएच-9 से जोड़ते हुए निर्माण शुरू होगा। इसके बाद हापुड़ में बाईपास (पुराने एनएच-24 ) को जोड़ते हुए बनाया जाएगा। आगे जाकर यह दोनों जोड़ एक जगह मिल जाएंगे।

क्या होगा फायदा



इससे फायदा यह होगा कि गाजियाबाद की ओर से आने वाले ट्रैफिक को कारिडोर पर चढ़ने के लिए हापुड़ तक नहीं आना पड़ेगा। वह मसूरी के पास से सीधे कानपुर के लिए जा सकेंगे। मेरठ, हापुड़ और अमरोहा की तरफ से आने वाले वाहन सीधे हापुड़ बाइपास से कारिडोर को पकड़कर कानपुर व लखनऊ तक जा सकेंगे।

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