दिल्ली बनेगी कनेक्‍टिविटी राजधानीयों में से एक, हाईवे नेटवर्क के चलते निर्माण से

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नई दिल्‍ली: अब आप देश के किसी भी प्रमुख शहर में रहते हों, दिल्‍ली दूर नहीं होगी। 2024 तक देश के तमाम बड़े शहरों से दिल्‍ली पहुंचना बिल्कुल आसान हो जाएगा।

दिल्‍ली को इन शहरों से जोड़ने के लिए एक्‍सप्रेसवे (Expressways) और एक्‍सेस कंट्रोल्‍ड हाईवेज (Access Controlled Highways) का जाल बिछाया जा रहा है

ये दुनिया में दिल्‍ली को सबसे ज्‍यादा कनेक्‍टेड कैपिटल में से एक बना देंगे। इसके बाद मुंबई, वडोदरा, जयपुर, श्रीनगर और देहरादून जैसे शहरों से दिल्‍ली आने का रास्‍ता सीधा और

सरपट हो जाएगा। इन एक्‍सप्रेसवे के कारण दिल्‍ली की कनेक्टिविटी कई गुना बढ़ा जाएगी। सब कुछ बिल्‍कुल योजना के मुताबिक चल रहा है।

राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है। उनके मुताबिक, छह एक्‍सप्रेसवेज और एक्‍सेस कंट्रोल्‍ड हाईवेज में दो पूरी तरह बन चुके हैं।

वहीं, चार निर्माणाधीन हैं। इन सभी के चालू हो जाने पर दिल्‍ली की कनेक्टिविटी जबर्दस्‍त हो जाएगी। इनमें से ईस्‍टर्न पेरिफेरल एक्‍सप्रेसवे और मेरठ एक्‍सप्रेसवे पूरे हो चुके हैं।

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बाकी चार 2024 तक बनकर पूरे हो जाएंगे। इनमें जयपुर और जेवर एयरपोर्ट के साथ कनेक्टिविटी वाला दिल्‍ली- मुंबई एक्‍सप्रेसवे, दिल्‍ली-अमृतसर-कटरा, दिल्‍ली-देहरादून और अर्बन एक्‍सटेंशन रोड-2 शामिल हैं।

रोड कनक्‍टि‍व‍िटी बढ़ने से क्‍या होगा फायदा?
एक अधिकारी ने बताया कि रोड कनक्टिविटी बढ़ाने के पीछे मंशा साफ है। इरादा यह है कि लोग दिल्‍ली तक और इससे बाहर तेजी से आ जा सकें।

अभी शहर से बाहर निकलने में लंबा वक्‍त लगता है। इसकी सबसे बड़ी वजह लोकल ट्रैफिक है। लोगों को इसके बीच से निकलकर जाना होता है।

नया नेटवर्क इस दिक्‍कत को दूर करेगा। लोगों के पास शहर की सीमाओं से सुविधाजनक तरीके से निकलने का विकल्‍प होगा।

उदाहरण से समझते हैं चीजें
इसके लिए दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे का उदाहरण ले सकते हैं। इस एक्‍सप्रेसवे के साथ शामली से अंबाला जाने वाले उभार के पूरा हो जाने के बाद लोग अंबाला और चंडीगढ़ पहुंचने के

लिए एक्‍सप्रेसवे पकड़ सकते हैं। भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के एक अधिकारी ने बताया कि यह लिंक मौजूदा

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दिल्‍ली-चंडीगढ़ हाईवे से 10-15 किमी लंबा होगा। यह और बात है कि लोग ज्‍यादा तेज स्‍पीड से चलने के कारण करीब दो घंटे बचा सकेंगे।

ऐसे ही बात करते हैं दिल्‍ली-मुंबई एक्‍सप्रेसवे की। यह दिल्‍ली में डीएनडी फ्लाईवे पर समाप्‍त होगा। यह अक्षरधाम तक एलीवेटेड रोड से कनेक्‍ट होगा।

पश्चिम भारत के शहरों से दिल्‍ली आ रहे लोग चंडीगढ़ और श्रीनगर पहुंचने के लिए देहरादून एक्‍सप्रेसवे को पकड़ सकते हैं। अक्षरधाम से मेरठ और यमुना एक्‍सप्रेसवे की मौजूदा रोड

नेटवर्क कनेक्टिविटी उत्‍तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्‍सों से हाईस्‍पीड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा। उत्‍तर प्रदेश में पहले से ही कई नए एक्‍सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं।

कितना हुआ है निवेश, कितना बड़ा नेटवर्क?
एनएचएआई के डेटा के मुताबिक, हाईस्‍पीड रोड लिंक पर 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। यह 330 किमी में बनाया जा रहा है।

ये सभी सड़कें दिल्‍ली से सीधे जुड़ेंगी। प्रगति मैदान टनल प्रोजेक्‍ट का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्‍सप्रेसवेज के नाम गिनाए थे।

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ये सभी राजधानी के साथ कनेक्टिविटी को बढ़ाएंगे। उन्‍होंने कहा था कि सड़कों के इस नेटवर्क के पूरा हो जाने के बाद

दिल्‍ली पूरी दुनिया में सबसे ज्‍यादा कनेक्‍टिविटी वाली राजधानी में से एक बन जाएगी। इससे शहर का बोझ भी कम होगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी कहा है दिल्‍ली-एनसीआर के चारों तरफ सड़कों का अच्‍छा

जाल बनाकर राजधानी का कंजेशन कम किया जाएगा। इसके अलावा दिल्‍ली का बोझ भी कम होगा।

एनएचएआई के अनुसार, दिल्‍ली से मौजूदा और आगामी हाईवे लिंक यूपी के नए एक्‍सप्रेसवे से कनेक्‍ट होंगे। राज्‍य

सरकारों की ओर से बनाई जा रही सड़कों पर ऑटोमैटिक आरएफआईडी आधारित फास्‍टैग सिस्‍टम के जरिये टोल कलेक्‍शन चालू होने पर दिल्‍ली से आना-जाना और सुविधाजनक ही होगा।