दिल्ली बनेगी दुनिया की EVराजधानी इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती डिमांड से, दो सालों में 64 हजार EV की हो चुकी है बिक्री

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Delhi Electric Vehicle: दिल्ली सरकार (Delhi Government) की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति ने इस महीने दो साल पूरे कर लिए हैं.

इसी के साथ बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में 2022 में अब तक कुल 33,440 इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicle) की बिक्री हुई है,

जो एक साल में अब तक सबसे ज्यादा और शहर में अब तक रजिस्टर्ड सभी इलेक्ट्रिक वाहनों का 20.6% है. वहीं ई-रिक्शा

और ई-कार्ट पिछले साल तक बेचे गए ईवी का बड़ा हिस्सा रहे हैं लेकिन  2022 में, उनकी हिस्सेदारी 27% से कम दर्ज की गई है.

7 अगस्त 2020 को दिल्ली में शुरू हुई थी नई EV नीति
बता दे कि, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Chief Minister Arvind Kejriwal) ने यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 7 अगस्त 2020 को ईवी नीति (EV Policy) शुरू की थी कि

2024 तक सभी नए वाहन रजिस्ट्रेशन का 25 फीसीदी ईवी वाहनों का होगा. अगस्त 2020 में, 739 ईवी पंजीकृत किए गए थे,

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और सितंबर 2020 से अब तक, 64 हजार 264 ईवी बेचे गए हैं, जो अब तक शहर में रजिस्टर्ड कुल1 लाख 62 हजार 411 ईवी का लगभग 40% है.

दिल्ली को दुनिया की EV राजधानी बनाना चाहती है सरकार-गहलोत
वहीं परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा है कि जहां एक तरफ, इलेक्ट्रिक वाहनों के आने से दिल्ली को उत्सर्जन और वायु प्रदूषण में कमी लाने में मदद मिली है तो

वहीं दूसरी तरफ, इससे रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं. स्वामित्व की कम लागत के साथ कमर्शियल वाहनों और ऑटो मालिकों की कमाई में काफी इजाफा हुआ है

और यूजर्स को बिना आवाज वाले, आरामदायक वाहनों में सवारी करने का मौका मिला है. ” उन्होंने काह कि सरकार राष्ट्रीय राजधानी को “दुनिया की ईवी राजधानी” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.

दिल्ली में है ईवी सेल्स पर सबसे ज्यादा प्रोत्साहन राशि
दिल्ली सरकार का ये भी कहना है कि अब तक राष्ट्रीय राजधानी ने ईवी सेल्स पर लगभग 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि की पेशकश की थी,

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जो भारत में किसी भी राज्य द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी की सबसे अधिक राशि है. खरीद प्रोत्साहन के अलावा, सरकार ने सभी बैटरी ईवी के लिए रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क भी माफ कर दिया है.

सरकार ने कहा कि ईवी की बढ़ती बिक्री ने चार्ज प्वाइंट ऑपरेटरों को 2,000 से अधिक चार्जिंग पॉइंट और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन तैनात करने के लिए प्रोत्साहित किया है, जिससे सभी ईवी यूजर्स के लिए रेंज चिंता का मुद्दा हल हो गया है.

सरकार ने यह भी कहा कि ईवी चार्जिंग को किफायती बनाने के लिए, उसने पहले ही देश में सबसे कम ईवी टैरिफ में से एक को 4.5 रुपये प्रति यूनिट पर पेश किया है.