#दिल्ली#Delhi अगले साल अगस्त तक हो जायेगा जाम से आजाद, तीसरी रिंग रोड जल्द बनकर हो जायेगा तैयार

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अगले साल 15 अगस्त तक दिल्ली के एक बहुत बड़े हिस्से को ट्रैफिक जाम से आजादी मिल जाएगी। दरअसल 75 किलोमीटर लंबी तीसरी रिंग रोड यानि अर्बन एक्स्टेंशन-2 रोड

15 अगस्त, 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगी। इस रोड के बन जाने से ना केवल साउथ दिल्ली, बल्कि धौला कुआं, एनएच-8 एयरपोर्ट्र द्वारका,

वेस्ट दिल्ली और नॉर्थ दिल्ली के लोगों को फायदा होगा बल्कि पंजाब, चंडीगढ़, सोनीपत और बहादुरगढ़ भी लोग बिना जाम के पहुंच सकेंगे।केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन

गडकरी ने इस रोड को पूरा करने की समय-सीमा अगले साल 15 अगस्त तय की है। इस रोड के बनने से ना केवल ट्रैफिक जाम से दिल्ली को निजात मिलेगी बल्कि पर्यावरण का भी

फायदा होगा। लोगों के रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे। दिल्ली के जाम का खात्मा करने के लिए एनएचएआई इस रोड का निर्माण कर रही है।

इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 7700 करोड़ रखी गई है। यह रोड 5 पैकेज में बनाई जा रही है।

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पहला हिस्सा : नॉर्थ दिल्ली में बकौली गांव से शुरू होकर कंझावला पर जाकर खत्म होगा। इस हिस्से की कुल लंबाई 15.7 किलोमीटर है।
दूसरा हिस्सा : कंझावला से शुरू होकर नजफगढ़-नांगलोई रोड तक। इसकी कुल लंबाई 13.45 किलोमीटर है।
तीसरा हिस्सा : नजफगढ़-नांगलोई रोड से द्वारका सेक्टर-24 तक। इसकी लंबाई 9.66 किलोमीटर है।
चौथा हिस्सा : बवाना औद्योगिक क्षेत्र से सोनीपत, बडवासनी तक। इसकी कुल लंबाई 29.6 किलोमीटर है।
पांचवा हिस्सा : नजफगढ़ के ढिचाऊं कला से बहादुरगढ़ बाईपास तक। यह 7.3 किलोमीटर लंबा है।

यह रोड द्वारका एक्सप्रेसवे को भी जोड़ेगी। द्वारका के सेक्टर-24 से द्वारका एक्सप्रेस वे को कनेक्ट किया जा रहा है। इससे धौला कुआं और एनएच-8 गुडगांव वाला ट्रैफिक इस

रोड के जरिए जुड़ जाएगा। इस रोड के बनने से द्वारका में बन रहे इंडिया इंटरनैशनल कंवेंशन एंड एग्जीबिशिन सेंटर की कनेक्टिविटी बेहद आसान हो जाएगी।

इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए एनएचएआई ने पेड़ों को नष्ट नहीं किया, बल्कि 10 हजार पौधों को ट्रांसफर किया है।

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क्या-क्या बनेगा इस प्रोजेक्ट के तहत 27 फ्लाईओवर
26 माइनर ब्रिज
11 अंडरपास
2 रेलवे ओवर ब्रिज
10,000 पेड़ों को किया गया है इस प्रोजेक्ट के लिए शिफ्ट