दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने प्रदूषण के खिलाफ अभियान किया शुरू, उलंघन पड़ेगा महंगा

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दिल्ली में प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए एक्शन प्लान शुरू हो गया है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि 6 अक्टूबर से शुरू यह अभियान 6 नवंबर तक

चलेगा। बता दें कि एंटी डस्ट कैंपेन के लिए 586 टीमों का गठन किया है। इसमें 12 संबंधित विभागों की टीमें भी शामिल हैं।नई दिल्ली: राजधानी में 6 अक्टूबर से 6 नवंबर तक एंटी

डस्ट अभियान चलेगा। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि कंस्ट्रक्शन साइटों पर निर्माण संबंधी 14 एंटी डस्ट नियमों को लागू करना जरूरी है।

एंटी डस्ट अभियान के तहत 586 टीमों का गठन किया गया है। इसमें डीपीसीसी की 33 टीमें शामिल हैं। कंस्ट्रक्शन साइटों पर नियमों के उल्लंघन पर एनजीटी की गाइडलाइंस के

मुताबिक 10 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।उन्होंने बताया कि एंटी डस्ट कैंपेन के लिए 586 टीमों का गठन किया है।

इसमें 12 संबंधित विभागों की टीमें भी शामिल हैं। इन टीमों में डीपीसीसी (दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमिटी) की 33 टीमें, राजस्व विभाग की 165 टीमें, एमसीडी की 300,

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डीएसआईआईडीसी की 20, दिल्ली जल बोर्ड की 14, डीडीए की 33, दिल्ली मेट्रो की 3, सीपीडब्ल्यूडी की 6, पीडब्लूडी की 6, एनडीएमसी की 1, दिल्ली कैंट बोर्ड की 4 और

एनएचएआई की 1 टीम शामिल हैं। ये टीमें लगातार निर्माण साइट्स का दौरा करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि वहां निर्माण संबंधी दिशानिर्देशों का पालन हो।

निर्माण साइट्स पर 14 सूत्रीय नियमों को लागू करना जरूरी है, जिसके लिए एंटी डस्ट अभियान गुरुवार से शुरू हो गया है।पर्यावरण मंत्री राय ने कहा कि जो भी साइट डस्ट कंट्रोल के

नियम का पालन नहीं करेगी, उस पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। एनजीटी की गाइडलाइन के मुताबिक 10 हजार से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

दोबारा उल्लंघन मिलने पर उससे अधिक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बावजूद उल्लंघन हुआ तो निर्माण साइट को बंद कर दिया जाएगा।

कंस्ट्रक्शन साइटों पर निर्माण के तय किए गए नियम
निर्माण स्थल के चारों तरफ धूल रोकने के लिए टीन की ऊंची दीवार खड़ी करना जरूरी है।

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धूल प्रदूषण को लेकर पहले केवल 20 हजार वर्ग मीटर से ऊपर के निर्माण साइट पर ही एंटी स्मोग गन लगाने का नियम था। अब 5 हजार वर्गमीटर से लेकर उससे अधिक के एरिया

के साइट पर एंटी स्मोग गन लगाना अनिवार्य होगा। 5 हजार से 10 हजार वर्ग मीटर की साइट पर 1 एंटी स्मॉग गन, 10 हजार से 15 हजार वर्ग मीटर पर 2, 15 हजार से 20 हजार

वर्ग मीटर पर 3 और 20 हजार वर्ग मीटर से ऊपर की निर्माण साइट पर कम से कम 4 एंटी स्मॉग गन होनी चाहिए।

निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्य के लिए निर्माणाधीन क्षेत्र और भवन को तिरपाल या नेट से ढकना जरूरी है।
निर्माण स्थल पर निर्माण सामग्री लाने और ले जाने वाले वाहनों की सफाई एवं पहिए साफ करना जरूरी है।

निर्माण सामग्री ले जा रहे वाहनों को पूरी तरह से ढकना जरूरी है।निर्माण सामग्री और ध्वस्तीकरण का मलबा चिह्नित जगह पर ही डालना जरूरी है, सड़क के किनारे उसके भंडारण पर प्रतिबंध है।

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किसी भी प्रकार की निर्माण सामग्री, अपशिष्ट, मिट्टी-बालू को बिना ढके नहीं रखना है।पत्थर की कटिंग का काम खुले में नहीं होनी चाहिए। साथ ही, वेट जेट का उपयोग पत्थर काटने में किया जाना चाहिए।

साइट पर धूल से बचाव के लिए कच्ची सतह और मिट्टी वाले क्षेत्र में लगातार पानी का छिड़काव करना चाहिए।
20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र के निर्माण और

ध्वस्तीकरण साइट्स की ओर जाने वाली सड़क पक्की और ब्लैक टॉप्ड होनी चाहिए।निर्माण और ध्वस्तीकरण से पैदा अपशिष्ट का साइट पर ही रिसाइकल किया जाना चाहिए या

उसका चिह्नित साइट पर निस्तारण किया जाए और उसका रिकॉर्ड मेंटेन किया जाए।साइट पर लोडिंग-अनलोडिंग एवं निर्माण सामग्री या मलबे की ढुलाई करने वाले कर्मचारी को डस्ट मास्क देना पड़ेगा।

साइट पर काम करने वाले सभी वर्कर के लिए चिकित्सा व्यवस्था करनी होगी।साइट पर धूल कम करने के उपाय के दिशा-निर्देशों का साइन बोर्ड प्रमुखता से लगाना पड़ेगा।