दिल्ली में 1 अक्टूबर से डीजल वाहन है बैन, लोगो ने दूसरी जगह शिफ्ट होने का लिया फैसला।

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दिल्ली सरकार 1 अक्टूबर से दिल्ली में भारी और मध्यम डीजल गाड़ियों पर बैन लगाने जा रही है. सरकार के इस फैसले के खिलाफ अब व्यापारी सामने आए हैं. उनका कहना है कि इसका सबसे ज्यादा असर व्यापारियों पर पड़ेगा. डीजल गाड़ियां बैन होने से ट्रक और दूसरे भारी वाहन नहीं आ पाएंगे. अगर आदेश वापस नहीं हुआ तो हमें दूसरे राज्य में बिजनेस शिफ्ट करना पड़ेगा.

बुधवार को अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) ने दिल्ली के सभी हिस्सों के व्यापारियों के संगठनों की बैठक बुलाई. इसमें व्यापार जगत से जुड़े करीब 200 नेताओं ने भाग लिया. बैठक में अखिल भारतीय परिवहन कल्याण संघ और दिल्ली परिवहन संघ के नेता भी शामिल हुए.

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि अगर सरकार इस आदेश को वापस नहीं लेती है तो दिल्ली के व्यापारियों के पास पड़ोसी राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान का रुख करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होगा. इसके लिए दिल्ली सरकार ही जिम्मेदार होगी.

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बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सीएआईटी दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष विपिन आहूजा की अध्यक्षता में एक एक्शन कमेटी बनाकर पूरे दिल्ली में 10 जुलाई से आदेश के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत दिल्ली के सभी बाजारों में 200 से ज्यादा बैठकें और व्यापारियों की रैलियां आयोजित की जाएंगी.