DMRC को अपना परिचालन प्राइवेट हाथों मे सौंपना पड़ा भारी, पटरी से उतरी मेट्रो ट्रैन

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DMRC News किसी तरह की टक्कर या मानवीय भूल की संभावना नहीं रहती। इसलिए डिपो में मेट्रो के पटरी से उतरने की एक घटना को यात्री सुरक्षा से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यात्री सुरक्षा मानकों के मामले में दिल्ली मेट्रो

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अव्वल है।येलो लाइन के बादली डिपो से यात्री सेवा के लिए निकल रही मेट्रो ट्रेन के पटरी से उतरने की एक घटना सामने आई है। पिछले माह के अंतिम सप्ताह में

घटी यह घटना बेशक बादली डिपो में हुई। फिर भी मामले की गंभीरता का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि घटना के बाद निजी आपरेटर द्वारा नियुक्त चालक को तुरंत

बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल निगम) ने विभागीय जांच शुरू कर घटना के लिए जिम्मेदार अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की

है।हाल ही में यलो लाइन पर घिटोरनी स्टेशन के पास ट्रैक भटकर मेट्रो के दूसरे ट्रैक की तरफ जाने की घटना हुई थी। जिससे यलो लाइन पर साढ़े चार घंटा परिचालन प्रभावित रहा

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था। दो सप्ताह में हुई इन दो घटनाओं से यह सवाल उठाए जाने लगा है कि येलो लाइन पर मेट्रो परिचालन की जिम्मेदारी निजी हाथों में सौंपना कही डीएमआरसी को भारी न पड़ जाए

।डीएमआरसी के सूत्रों के अनुसार 30 अगस्त को सुबह करीब 7:10 बजे बादली डिपो से मेट्रो यात्री सेवा के लिए निकल रही थी।इस दौरान येलो लाइन के कारिडोर पर पहुंचने से पहले डिपो में ही पटरी से उतर गई।

क्योंकि उस मेट्रो को आटोमेटिक ट्रेन आपरेशन (एटीओ) कंट्रोल सिस्टम द्वारा निर्धारित स्थान तक सिग्नल नहीं दिया गया था। डिपो में क्रास ओवर से पहले मौजूद प्वाइंट तक ही

उसे सिग्नल दिया गया था। लेकिन मेट्रो इस सिग्नल से आगे निकलकर क्रास ओवर (जहां पटरी बदलने की सुविधा होती है) तक पहुंच गई, जहां मेट्रो का पहला कोच पटरी से उतर

गया। अगस्त 2009 में ब्लू लाइन पर द्वारका स्टेशन पर मेट्रो के पटरी से उतरने की घटना हुई थी।इसके बाद मेट्रो के पटरी से उतरने की कोई घटना सामने नहीं आई थी।

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डीएमआरसी ने पिछले साल येलो लाइन पर मेट्रो परिचालन की जिम्मेदारी निजी आपरेटर को दी थी। ताकि परिचालन पर होने वाले खर्च को कम किया जा सके।

पहले डीएमआरसी द्वारा आकर्षक वेतनमान पर मेट्रो चालक नियुक्त किए गए थे। जबकि निजी एजेंसी द्वारा बहुत ही कम वेतन पर कर्मचारी नियुक्त किए हैं, उनकी दक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।