DMRC ने बताया मेट्रो नेटवर्क से कितनी बसें जुड़ जाने से दिल्ली की सड़कों पर आधा रह जाएगा वाहनों का दबाव

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दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के 28वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में राजधानी में लास्ट माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सार्वजनिक परिवहन के सभी साधनों के आपस में जोड़ने पर जोर दिया गया। ताकि आवागमन आसान हो सके। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव मनोज जोशी ने कहा कि मेट्रो, रेलवे स्टेशनों, रिजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) व बस सुविधाओं के इंटिग्रेशन के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी। जिसमें दिल्ली सरकार, नगर निगम व केंद्र सरकार की एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हाेंगे।

वहीं दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने मेट्रो व डीटीसी (दिल्ली परिवहन निगम) के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि यदि मेट्रो के नेटवर्क से 10 हजार बसें जुड़ जाए तो दिल्ली की सड़कों पर वाहनों का दबाव आधा रह जाएगा। इससे पर्यावरण को भी फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में उन्होंने मेट्रो व दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) को इंटिग्रेट (एकिकृत) करने का सुझाव दिया था, उस वक्त उस सुझाव पर अमल नहीं किया गया। उन्होंने राष्ट्रीय मोबिलिटी कार्ड को भी जल्द लागू करने की जरूरत बताई। अगले साल दिसंबर तक मेट्रो के सभी कारिडोर पर राष्ट्रीय मोबिलिटी कार्ड लागू हो जाएगा। मौजूदा समय में सिर्फ एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर किराया भुगतान के लिए इसका इस्तेमाल होता है।

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उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार, डीएमआरसी व नगर निगम तीनों एक साथ बैठकर यह तय करेंगे कि लास्ट माइल कनेक्टिविटी को बेहतर कैसे किया जा सकता है। छतरपुर मेट्रो स्टेशन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि लास्ट माइल कनेक्टिविटी बेहतर और विश्वसनीय होगी तो लोग निजी वाहनों का इस्तेमाल जरूरत छोड़ेंगे। मौजूदा समय में निजी बाइक व कार का इस्तेमाल लोग सिर्फ शौक के लिए नहीं करते, बल्कि यह जरूरत बन चुकी है। उन्होंने 400 एकड़ जमीन में शिक्षा केंद्र बनाकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व नई तकनीकों पर शोध कार्य को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।

केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव मनोज जोशी ने कहा कि सभी एजेंसियां अलग-अलग योजना तैयार करती हैं। विभागों के बीच तालमेल नहीं होने से नुकसान हो सकता है। इसके लिए उन्होंने दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन व कैंट मेट्रो स्टेशन का उदाहरण दिया और कहा कि कैंट रेलवे स्टेशन व मेट्रो स्टेशन के बीच आपस में कोई जुड़ाव नहीं है। इस वजह से मेट्रो स्टेशन से रेलवे स्टेशन जाना आसान नहीं है। सराय काले खां में भी मेट्रो, रेलवे स्टेशन व बसों का नेटवर्क आपस में ठीक नहीं है। इस पर काम करने की जरूरत है।

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डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने कहा कि दिल्ली एनसीआर में 390 किलोमीटर से अधिक नेटवर्क पर मेट्रो का परिचालन हो रहा है। फेज चार में करीब 64 किलोमीटर के तीन मेट्रो कारिडोर का निर्माण जारी है। कोरोना के कारण मेट्रो का भारी आर्थिक नुकसान हुआ। फिर भी फेज चार की परियोजनाओं का निर्माण कार्य जारी रखा गया है। वर्ष 2025 में यह परियोजनाएं पुरी हो जाएंगी।

कोरोना के कारण मेट्रो का परिचालन पहले बहुत कम क्षमता के साथ हो रहा था। अब प्रतिदिन करीब 45 लाख यात्री सफर कर रहे हैं। कोरोना से पहले 60 लाख से अधिक यात्री सफर करते थे। अभी करीब 78 प्रतिशत यात्री क्षमता के साथ मेट्रो चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही यात्रियों की संख्या पहले से ज्यादा हो जाएगी। इससे दिल्ली में जाम की समस्या कम होगी।