दिल्ली और पंजाब के लिए सरकार ने पराली न जलाने को लेकर किये नए नियम लागू

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प्रस्ताव में कहा गया है कि इसमें पंजाब और दिल्ली सरकार 500-500 रुपये का भुगतान करे, जबकि केंद्र 1500 रुपये दे। दिल्ली सरकार पंजाब के प्रस्ताव से सहमत है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दिल्ली के सात बस डिपो में ई-चार्जिंग स्टेशनों की शुरुआत करते हुए कहा कि

प्रदूषण कम करना उनकी प्राथमिकता है।पंजाब सरकार आर्थिक प्रोत्साहन को पराली से फैलने वाले प्रदूषण पर बंदिश

लगाने का कारगर फॉर्मूला मान रही है। इससे जुड़ा एक प्रस्ताव भी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को भेजा है। इसमें पराली न जलाने वाले

किसानों को प्रति एकड़ 2500 रुपये का नकद प्रोत्साहन देने की बात है।प्रस्ताव में कहा गया है कि इसमें पंजाब और दिल्ली सरकार 500-500 रुपये का भुगतान करे, जबकि केंद्र 1500 रुपये दे।

दिल्ली सरकार पंजाब के प्रस्ताव से सहमत है। आयोग का जब भी इस पर फैसला आएगा, दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।दिल्ली के मुख्यमंत्री

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अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दिल्ली के सात बस डिपो में ई-चार्जिंग स्टेशनों की शुरुआत करते हुए कहा कि प्रदूषण कम करना उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने पंजाब सरकार के इस प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि मेरी जानकारी के मुताबिक किसानों को पराली जलाने से दूर रखने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिए जाने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पराली जलाने की बजाय किसानों को किसी तकनीक के जरिये इसके वैकल्पिक इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करने को यह प्रस्ताव पंजाब सरकार ने भेजा है।

इस पर आयोग के फैसले के बाद पंजाब और दिल्ली के साथ-साथ केंद्र सरकार के सहयोग से पराली से वायु प्रदूषण को कम करने में काफी मदद मिल सकती है।

दिल्ली में हर साल सर्दी के दौरान वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी से होने वाली परेशानी से बचने के लिए पंजाब सरकार ने इस दिशा में पहल की है।

दोनों राज्यों में आम आदमी पार्टी की सरकार है, इसलिए माना जा रहा है कि इस पहल पर आयोग की मोहर लगने पर दिल्ली और आसपास के राज्यों को प्रदूषण की समस्या दूर होने से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

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