गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य से प्रयागराज तक फर्राटा भरेंगे वाहन। सफर होने वाला है आसान

``` ```

Hapur-Meerut Ganga Expressway अब एक्सप्रेस-वे को बनाने के लिए दो कंपनियों को टेंडर दिया गया है। हापुड़ में जो निर्माण कार्य कर रही है वह महाराष्ट्र की

कंपनी आइआरबी है। इसके अलावा कुछ भाग अदाणी समूह बना रहा है। वर्ष 2025 में प्रयागराज में होने वाले कुंभ मेले में जाने के लिए सफर आसान होने वाला है,

क्योंकि गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य मेरठ से हापुड़ के बीच शुरू हो चुका है। यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाएगा।

एक्सप्रेस-वे को महाराष्ट्र की आइआरबी और अदाणी समूह मिलकर बना रहा है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के निर्देशन में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ है।

अधिकारियों का दावा है कि जनवरी 2025 तक हर हाल में काम पूरा होगा।इसके लिए हापुड़ सहित कई स्थानों पर इंडस्ट्रीयल हब भी बनाए जाएंगे।

ताकि लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सके। मेरठ के बिजौली क्षेत्र से शुरू होकर गंगा एक्सप्रेस-वे हापुड़ के गांव गोहरा आलमगीरपुर से होते हुए जिले के 29 गांवों को पार कर अमरोहा में पहुंच रहा है।

यह एक्सप्रेस-वे कुल 12 जिलों से होकर गुजरेगा। हापुड़ जिले में 29 गांवों की 409 हेक्टेयर भूमि को यूपीडा ने खरीदी है। इनमें से सात गांव हापुड़ सदर तहसील और 22 गांव गढ़ तहसील क्षेत्र के हैं।

यह भी पढ़ें  दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार ने किया 15 स्मार्ट स्कूलों का शुभारंभ 2023 तक होंगे 1000 स्कूल भी अपग्रेड

अब एक्सप्रेस-वे को बनाने के लिए दो कंपनियों को टेंडर दिया गया है। हापुड़ में जो निर्माण कार्य कर रही है, वह महाराष्ट्र की कंपनी आइआरबी है।

इसके अलावा कुछ भाग अदाणी समूह बना रहा है।यूपीडा के भू-अर्जन अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे पर समतलीकरण का काम शुरू करा दिया गया है।

120 मीटर चौड़ाई का यह एक्सप्रेस-वे पर चतुर्भुज कंस्ट्रक्शन ईकाई समतलीकरण और एलएनटी कंपनी जमीन को खाली कराने का काम कर रही है। जनवरी 2025 तक कुंभ से पहले इस एक्सप्रेस-वे का काम पूरा कर लिया जाएगा।

हापुड़ में 93 प्रतिशत जमीन का हो चुका अधिग्रहण यूपीडा के भू-अर्जन अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के 29 गांवों में 409 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है।

इसमें से 373 हेक्टेयर जमीन किसानों की है। इसके अलावा 36 हेक्टेयर जमीन ग्राम सभा की है। ग्राम सभा की पूरी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है।

इसके अलावा 373 हेक्टेयर जमीन में से 93 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण कर किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। शेष का बैनामा जल्द हो जाएगा।

यह भी पढ़ें  दिल्ली-एनसीआर के साथ हरियाणा के लोग करेंगे मेट्रो की सवारी, इन शहरों से भी जोडऩे की योजना, जाने कौन से शहर जुड़ेंगे

गंगा एक्सप्रेस-वे पर उतर सकेंगे फाइटर प्लेन और भर सकेंगे उड़ान

गंगा एक्सप्रेस-वे को इस प्रकार बनाया जाएगा कि इस पर फाइटर प्लेन उड़ान भर सकेंगे और उतर भी सकेंगे। छह लेन का बनने वाला गंगा एक्सप्रेस-वे पर वाहन फर्राटा भी भरेंगे।

इसके लिए अंडरपास और एक्सप्रेस-वे के किनारे इंडस्ट्रीयल हब भी बनाए जाएंगे। ताकि लोगों को रोजगार भी प्राप्त हो। यह एक्सप्रेस-वे उत्पादन इकाइयों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जोड़ने का काम भी करेगा।

इन जिलों से होकर गुजेरगा गंगा एक्सप्रेसवे

यूपीडा के भू-अर्जन अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ, हापुड़, अमरोहा, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रयागराज सहित 12 जिलों से गुजरेगा।