औंधे मुंह गिरी सरसों, कीमतों में 350 रूपए की गिरावट।

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बढ़ती महंगाई को देखकर लोग अपने खर्चों पर फुलस्टॉप लगा रहे हैं. साथ ही इस महंगाई में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी के दाम बढ़ते जा रहे हैं, यही नहीं खाद्य पदार्थों के दाम भी आसमान छू रहे हैं. जिसका असर जनता की जेब पर बहुत ज्यादा पड़ रहा है.यूपी में सरसों के तेल पर अभी भी राहत है

सरसों की कीमतों में 350 रूपए प्रति क्विंटल की गिरावट हुई हुई है। इसका सीधा असर सरसों के तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। बढ़ती महंगाई को देखकर लोग अपने खर्चों पर फुलस्टॉप लगा रहे हैं.



साथ ही इस महंगाई में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी के दाम बढ़ते जा रहे हैं, यही नहीं खाद्य पदार्थों के दाम भी आसमान छू रहे हैं. जिसका असर जनता की जेब पर बहुत ज्यादा पड़ रहा है.यूपी में सरसों के तेल पर अभी भी राहत है.खरीदारी करने का यह बहुत अच्छा मौका मिला है. सरसों के तेल की कीमत करीब ₹50 प्रति लीटर कम है

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यूपी में कई दुकानों पर 160 रुपए प्रति लीटर तेल बेचा जा रहा है. 28 – 29 अप्रैल तक ही सरसों के तेल की कीमत ₹166 पहुंच गई थी. पिछले साल की तुलना में ₹50 कम. कोरोना महामारी के कारण यूपी में इसकी कीमत ₹210 हो गई थी.



बाजार के स्पेशलिस्ट के अनुसार, सरसों का उत्पादन ज्यादा होने के कारण इसकी कीमत में और भी गिरावट आ सकती है. परंतु अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मंदी के चलते आने वाले दिनों में सरसों के तेल के दाम बढ़ सकते हैं. दिल्ली में सरसों के तेल का दाम अभी 182 है

कानपुर में नहीं बदली कीमत


यूपी के महानगरों की सूची में कानपुर में सरसों के तेल की कीमत नहीं बदली.कानपुर में ₹180 प्रति लीटर है. पिछले 3 दिनों में मुजफ्फरनगर के अंदर तेल ₹166 प्रति लीटर था. गोंडा में पिछले 4 दिन पहले 169 रुपए प्रति लीटर था.



वही 28 और 29 अप्रैल को सरसों का तेल कानपुर के अंदर ₹180 प्रति लीटर था. इलाहाबाद में 20 अप्रैल को सरसों का तेल 2 सप्ताह की तरह 167 रुपए था. ऐसे ही अंबेडकरनगर में 172 रुपए प्रति लीटर, शाहजहांपुर में 33 मार्च को 169 रुपए था. 21 मार्च को 167 कीमत देखने को मिली. फिर 30 मार्च को 169 कीमत हो गई

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