नितिन ग़डकरी का ऐलान,अब हाईवे पर “नो टोल प्लाजा, नो फास्ट टैग” गाड़ी की नंबर प्लेट पढ़ेगा कैमरा और ऑटोमैटिक कट जाएगा पैसा

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जल्द ही पूरे देश से हाईवे पर टोल प्लाजा पूरी तरह से हट जाएंगे। गाड़ियों पर लगे ऑटोमेटिक नंबर प्लेट को कैमरा रीड करेगा और टोल का पैसा आपके अकाउंट से कटेगा।

यह पूरी तरह से कैसे लागू होगा और इसमें क्या दिक्कत है इसको लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी है।देश में जल्द ही हाईवे से टोल प्लाजा पूरी तरह से हट

जाएंगे। हालांकि इसका यह मतलब यह नहीं है कि टोल नहीं लिया जाएगा। केंद्र सरकार की योजना है कि देश में पूरी तरह से नेशनल हाईवे से टोल हटाकर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट

रिकॉनाइजेशन कैमरे के जरिए टोल वसूली होगी। टोल का पैसा आपके अकाउंट से अपने आप कट जाएगा। हालांकि इसमें कुछ दिक्कत है जैसे किसी ने टोल नहीं दिया तो उसे

क्या सजा दी जाए। किसी गाड़ी में ऑटोमेटिक नंबर प्लेट नहीं तो उससे कैसे टोल की वसूली होगी। इसको लेकर फिलहाल कोई नियम नहीं है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस योजना का एक पायलट चल रहा है और इसको सुविधाजनक बनाने के लिए कानूनी संशोधन की जरूरत है।

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ऐसे कटेगा टोल, भागने वाले को सजा देने की तैयारी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि 2019 में, हमने एक नियम बनाया कि कारें कंपनी-फिटेड नंबर प्लेट के साथ आएंगी। पिछले चार साल में ऐसे वाहन आए।

अब टोल प्लाजा को हटाने और कैमरे लगाने की योजना है, जो इन नंबर प्लेट को आसानी से पढ़ लेगा और सीधे खाते से टोल काट लिया जाएगा।

इस योजना का पायलट भी शुरू है। हालांकि अभी एक दिक्कत जो सामने आ रही है उसके मुताबिक टोल नहीं देने वाले को कैसे दंडित किया जाए।

वाहन मालिक को दंडित करने का कोई प्रावधान नहीं है। हमें इसे कानून के दायरे में लाने की जरूरत है। इसके साथ ही जिनकी गाड़ियों में यह नंबर प्लेट नहीं है उन्हें इसे निश्चित समय के भीतर लगाना होगा।

FASTag आने के बाद कितना आया बदलाव वर्तमान समय में हाईवे पर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये के कुल टोल में लगभग 97 प्रतिशत कलेक्शन FASTags के माध्यम से हो रहा है।

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बाकी 3 प्रतिशत जो फास्टैग का उपयोग नहीं कर रहे वो सामान्य टोल दरों से अधिक भुगतान कर रहे हैं। FASTag के साथ, एक गाड़ी को टोल प्लाजा को पार करने में 47 सेकंड

का समय लगता है। सरकारी आंकड़े के मुताबिक मैनुअल तरीके से एक टोल से एक घंटे में करीब 112 वाहन टोल से

गुजरते हैं वहीं इलेक्ट्रॉनिक टोल के जरिए प्रति घंटे 260 से अधिक गाड़ियां आसानी से लेन पार कर जाती हैं।

फास्टैग के बाद अब भी ऐसी दिक्कत FASTag के उपयोग से पूरे देश में टोल प्लाजा पर भीड़ कम हुई है। हालांकि अब भी कुछ टोल पर गाड़ियों की संख्या अधिक हो जाती है। 16 फरवरी, 2021 से फास्टैग को

अनिवार्य किए जाने के बाद कई टोल प्लाजा पर कुछ ऐसी दिक्कत आई जिसको नोटिस किया गया। कुछ वाहनों पर FASTag लगा होता है लेकिन बैलेंस कम होने की वजह से

इसमें दिक्कत आती है। वहीं कुछ टोल प्लाजा पर इंटरनेट कनेक्टिविटी की दिक्कत सामने आती है। रेडियो फ्रीक्वेंसी

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आइडेंटिफिकेशन (RFID) रीडर और टैग का हटना, गाड़ी पर सही तरीके से FASTag नहीं लगने से दिक्कत आती है।

9 नंबर ही रीड कर सकता है कैमरा नंबर प्लेट रीडर कैमरे, जिन्हें ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर (एएनपीआर) कैमरों के रूप में भी जाना जाता है इसके इस्तेमाल से टोल वसूली होगी।

हालांकि यह सिस्टम के लागू होने पर होगा। हालांकि इस पूरे सिस्टम में रेवेन्यू का नुकसान कम से कम हो इसको भी देखे जाने की जरूरत है।

एनपीआर कैमरा जिसको लेकर यह जानकारी सामने आई कि यह नौ नंबर तक ही रीड कर सकता है और इसके आगे कुछ भी लिखा होगा वह नहीं रीड कर सकेगा।

इसको टेस्टिंग को लेकर यह पता चला है कि 10 प्रतिशत वाहन उसकी नजर से छूट सकते हैं ऐसे में इस सिस्टम को लागू करने से पहले इस खामी को भी दूर करना होगा।