दिल्ली एयरपोर्ट पर अब होगी डिजिटल यात्रा,आईडी बोर्डिंग पास और टिकट चेक कराने का झंझट हुआ खत्म,जाने पूरी डिटेल

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 नई दिल्ली: दिल्ली एयरपोर्ट पर डिजी (डिजिटल) यात्रा सिस्टम के तहत भी यात्रा शुरू कर दी गई है। 20 हजार यात्रियों पर इसका ट्रायल करने के बाद 15 अगस्त से टी-3 से

इसकी शुरुआत की गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देशों पर काम करते हुए इसे शुरू किया गया है। फिलहाल यह शुरुआत टी-3 पर ही की गई है।

टी-1 और टी-2 में पहले की तरह की यात्रियों की एंट्री होती रहेगी।डायल ने बताया कि डिजी यात्रा सिस्टम के तहत ऐसा नहीं है कि

अब टी-3 से सिर्फ इसी सिस्टम के तहत यात्रियों को एंट्री दी जाएगी। इसके लिए फिलहाल दो फ्लैप गेट (ई-गेट) लगाए गए हैं। जहां से डिजी यात्रा ऐप पर रजिस्टर्ड यात्री प्रवेश पा सकेंगे।

बाकी तमाम गेटों से पहले की तरह ही यात्रियों को प्रवेश करने दिया जाएगा। इस पेपरलेस और यात्रियों की पहचान वाले और ज्यादा सुरक्षित सिस्टम का फायदा उठाने के लिए पहले

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यात्रियों को डिजी यात्रा ऐप पर अपने आप को रजिस्टर्ड कराना होगा। इसके लिए आधार या अन्य किसी सरकारी पहचान पत्र जिसमें यात्री के चेहरे की फोटो आ रही हो, उससे रजिस्टर्ड कराना होगा।

न देखी जाएगी आईडी न टिकट
इसके बाद यात्रा की डिटेल रजिस्टर्ड करनी होगी। फिर एयरपोर्ट में एंट्री करते वक्त ना तो सीआईएसएफ का जवान आपका पहचान सुनिश्चित करने के लिए कोई आईडी देखेंगे

और ना ही टिकट। क्योंकि, यह सब चीजें पहले से ही रजिस्टर्ड होंगी। हां, संदेह होने पर आपकी जांच की जा सकती है। इसके बाद टी-3 में अंदर जाने पर बोर्डिंग पास लेने या

ई-बोर्डिंग पास के साथ यात्री सीआईएसएफ द्वारा जांच की जाने वाले जोन में पहुंचेगा। यहां भी डिजी यात्रा सिस्टम वाले यात्रियों के लिए दो इलेक्ट्रॉनिक-गेट (ई-गेट) लगाए गए हैं।

जहां से यात्री लाइन से अलग फटाफट अपने चेहरे को स्कैन कराते हुए निकल जाएंगे। लेकिन सीआईएसएफ द्वारा यात्री की जांच जरूर की जाएगी। इससे यात्री के समय में भी काफी बचत होगी।

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ये है डिजिटल यात्रा
डिजी यात्रा का मतलब है, एयरपोर्ट पर पैसेंजरों की डिजिटल प्रॉसेसिंग से एंट्री। इसके तहत हवाईअड्डे के चेक पॉइंट्स, एंट्री पॉइंट्स, सिक्योरिटी चेकिंग के लिए एंट्री और हवाई जहाज में

बोर्डिंग जैसी यात्रियों की प्रक्रियाएं फेस रिकॉग्निशन सिस्टम की मदद से आसानी से हो जाया करेगी। एयरपोर्ट पर डिजी यात्रा का मकसद पेपरलेस ट्रैवल को बढ़ावा देना

और एयरपोर्ट के कई सारे पॉइंट्स पर पहचान की जांच करने में लगने वाले समय और परेशानी को कम करना है।