दिल्ली में एक बार फिर फैली जहरीली हवा, GRAP के पहले चरण में 24 सूत्री एक्शन प्लान तत्काल प्रभाव से लागू

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Delhi NCR Air pollution वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली एनसीआर में खुले में कूड़ा जलाने नियमित बिजली आपूर्ति के लिए डीजी सेट के इस्तेमाल व पटाखों पर रोक

सहित 24 सूत्री एक्शन प्लान को लागू कर दिया है।करीब साढ़े तीन माह बाद दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई। इस वजह से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग

(सीएक्यूएम) ने शाम चार बजे के बाद इमरजेंसी बैठक की। इसके बाद मौजूदा स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की सब कमेटी ने बैठक की।

इसके बाद दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के पहले चरण के तहत 24 सूत्री एक्शन प्लान को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है,

ताकि दिल्ली एनसीआर में इस बार प्रदूषण बढ़ने न पाए और हवा की गुणवत्ता को मध्यम श्रेणी में ही रखा जा सके। लगातार खराब हो रही हवा

इससे पहले दिल्ली में 25 जून को एयर इंडेक्स खराब श्रेणी में 230 था। इसके बाद 29 जून को मानसून का आगमन हुआ था। पूरे मानसून के दौरान दिल्ली में हवा की गुणवत्ता मध्यम

व संतोषजनक श्रेणी में थी। पिछले 27 सितंबर से चार अक्टूबर तक हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में थी। दिल्ली-एनसीआर में लगातार वायु प्रदूषण का स्तर खराब हो रहा है।

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समीक्षा बैठक में लिए अहम फैसले
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा बुधवार को जारी रिपोर्ट में शाम चार बजे दिल्ली का एयर इंडेक्स खराब

श्रेणी में 211 दर्ज किया गया। एयर इंडेक्स 201 से 300 होने पर हवा की गुणवत्ता खराब मानी जाती है। इसके मद्देनजर समीक्षा बैठक की गई। सफर इंडिया से भी अच्छी खबर नहीं

इसमें विशेषज्ञों ने यह बात रखी कि 24 घंटे में अचानक स्थानीय कारणों से हवा की गुणवत्ता खराब हुई। इस वजह से एयर इंडेक्स 200 के पार पहुंच गया,

लेकिन इसके आगे अभी हवा की गुणवत्ता और खराब होने की संभावना नहीं है। सफर इंडिया ने अगले तीन तक दिल्ली में हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रखने का पूर्वानुमान जारी

किया है। फिर भी एहतियात के तौर पर ग्रेप के पहले चरण के प्रतिबंधों को लागू किया जा रहा है। यूपी-दिल्ली समेत सभी राज्यों में कड़े प्रतिबंध लागू हों

आयोग ने सीपीसीबी, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीसीसीसी) और एनसीआर से संबंधित राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण कमेटी को प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने का

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आदेश दिया है। साथ ही वातावरण में धूल की रोकथाम के लिए स्थानीय निकायों को भी नियमित रूप से कूडा उठाने, सड़कों की नियमित रूप से मशीन से सफाई करने और पानी का छिड़काव करने का निर्देश दिया है।

गाजियाबाद का एक्यूआइ सबसे ज्यादा
एनसीआर के शहरों में भी एयर इंडेक्स 200 के पारसीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार गाजियाबाद का एयर इंडेक्स 248, ग्रेटर नोएडा का 234, गुरुग्राम का 238 व नोएडा का एयर इंडेक्स

215 दर्ज किया गया। सिर्फ फरीदाबाद का एयर इंडेक्स 196 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में है।आयोग द्वारा आम नागरिकों के लिए दिए गए निर्देश अपनी कार, बाइक, स्कूटर

इत्यादि वाहनों का इंजन ठीक रखें। वाहनों के टायरों में उचित वायुदाब बनाकर रखें। अपने वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) अपडेट रखें।

वाहन को लाल बत्ती पर बंद करके रखें। -खुली जगह में कूड़ा कचरा न फेंके। वायु प्रदूषण फैलाने वाले गतिविधियों को 311 एप, ग्रीन दिल्ली एप व समीर एप के माध्यम से रिपोर्ट करें।24 सूत्री एक्शन प्लान के तहत निर्देश

1. 500 वर्गमीटर और उससे बड़े भूखंडों में चल रहे उन परियोजनाओं के निर्माणकार्य व विध्वंस (ढहाने) पर रोक रहेगी जो अब तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश व हरियाणा सरकार के संबंधित पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं।

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20. दिल्ली एनसीआर में बिजली वितरण कंपनियां बिजली कटौती कम करें।

21. यह सुनिश्चित करना होगा कि नियमित बिजली आपूर्ति के लिए डीजल जनरेटर सेट का इस्तेमाल न होने पाए।

22. इंटरनेट मीडिया, मोबाइल एप सहित सूचना प्रसार के अन्य माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों को प्रदूषण के स्तर की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा नियंत्रण कक्ष का नंबर और प्रदूषण की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी दी जानी चाहिए।

23. प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए 311 एप, ग्रीन दिल्ली एप, समीर ऐप और इंटरनेट मीडिया से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करनी होगी।

24. सड़क पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए कार्यालयों के कर्मचारियों को एकीकृत आवागमन के साधनों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।