दिल्ली में 17 लाख वाहनों पर लगा चालान, छोटी सी गलती पड़ी भारी, इन इलाकों में पुलिस तैनात

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पीयूसी की मियाद खत्म होने पर वाहन मालिक के घर पर नोटिस पहुंच जाएगा। अगर इसके बाद भी पीयूसी नहीं बनवाया तो घर पर 10 हजार रुपये का चालान भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नया सिस्टम इस महीने के आखिर तक काम करने लगेगा

राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर 17 लाख से अधिक वाहन बिना पीयूसी प्रमाणपत्र के दौड़ रहे हैं और इन वाहनों से निकलने वाले धुएं से शहर की आबोहवा खराब हो रही है।बृहस्पतिवार तक कुल 17 लाख 34 हजार वाहनों की प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र की समय सीमा खत्म हो गई है,

जिसमें 14 लाख,65 हजार दोपहिया वाहन शामिल हैं।ऐसे में परिवहन विभाग ने बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) के बिना वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का फैसला लिया है।

जल्द ही ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई होने जा रही है।जिस वाहनों मालिकों के पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं है, उनके 10 हजार रुपये के चालान काटे जाएंगे।

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इसके अलावा 10 हजार का जुर्माना व तीन माह की सजा दोनों की जा सकती है। इसके अलावा तीन माह तक के लिए ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है। है।

परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जल्द ही बगैर पीयूसीसी वाले वाहनों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है।इसके अलावा ऐसा सिस्टम बनाया जा रहा है,

जिसमें पीयूसी की मियाद खत्म होने पर वाहन मालिक के घर पर नोटिस पहुंच जाएगा। अगर इसके बाद भी पीयूसी नहीं बनवाया तो घर पर 10 हजार रुपये का चालान भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नया सिस्टम इस महीने के आखिर तक काम करने लगेगा।

दिल्ली में अक्तूबर से प्रदूषण बढऩे लगता है। इसी प्रक्रिया में पीयूसीसी के मामले में भी सख्ती की जा रही है।वाहनों के धुएं से होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के चल रहे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पेट्रोल पंपों पर भी जांच शुरू करने जा रहा है।

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परिवहन विभाग ने दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने और वायु गुणवत्ता में सुधार के अपने प्रयासों के तहत दिल्ली में सभी वाहन मालिकों से अनुरोध किया है कि वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र के साथ ही वाहन चलाएं।

कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े 17 लाख ,34 हजार वाहन बिना पीयूसी के चल रहे 14 लाख 65 हजार दोपहिया वाहन बिना पीयूसी के दौड़ रहे 2,88,418 कारें बिना पीयूसी के चल रहीं 70, 867 अन्य श्रेणी के वाहनों के पास वैध पीयूसी नहीं

पिछले साल यानी 1 जनवरी 2021 से 31 दिसंबर 2021 तक 60 लाख, 36 हजार, 207 पीयूसीसीबने और 29570 चालान कटे इस साल यानी 2022 से अब तक बने पीयूसीसी और कटे चालान

माह पीयूसीसी चालान जनवरी– 511884- 3065

फरवरी- 444275- 2451

मार्च- 486853- 2218

अप्रैल- 364805- 1020

मई- 331370- 559

जून 379460- 504