अब दिल्ली में ट्रैफिक होगा कम, सरकार बनाने जा रही है ये तीन नए रिंग रोड। इन इन शहरों को मिलेगा रूट।

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दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 3 नए गोलाकार क्षेत्रीय एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे. बता दें कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने मास्टर प्लान 2041 के ड्राफ्ट यानी कि क्षेत्रीय योजना के मसौदे के रूप में इन तीन रिंग रोड विकसित करने का प्रस्ताव रखा है.

अब दिल्ली एनसीआर मे ट्रैफिक होगा कम
वहीं यातायात व्यवस्था को भी सुदृढ़ करने के लिए रेडियल पैटर्न के आधार पर पूरे एनसीआर क्षेत्र को इस एक्सप्रेस वे के साथ कनेक्ट किया जाएगा. वही बोर्ड की तरफ से 2041 के क्षेत्रीय योजना का मसौदा तैयार किया गया जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के अलावा गोलाकार क्षेत्रीय एक्सप्रेसवे नंबर एक, दो और तीन को व्यवहार्यता के आधार पर एनसीआर के संतुलित विकास के लिए विकसित किया जाएगा. तीनों एक्सप्रेस वे ग्रोथ कोरिडोर और अवसर क्षेत्र के रूप में विकसित होंगे.



वही मास्टर प्लान 2041 के ड्राफ्ट में बोर्ड का मानना है कि एनसीआर को एक स्मार्ट कनेक्टेड क्षेत्र बनाने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए. जहाँ लोग और सामान का संचालन आसानी से और सुरक्षित रूप से हो सके. यातायात की भीड़ को कम करने और अधिक एकीकृत, उपयोगकर्ता केंद्रीत, सुलभ और किफायती करने की दिशा में कार्य किए जा रहे है.

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गोलाकार क्षेत्रीय एक्सप्रेस में से एक पूरी तरह बाहरी दिल्ली में प्रस्तावित किया जाएगा. बता दे कि यह एक्सप्रेसवे एलिवेटेड होगा. वही गोलाकार क्षेत्रीय एक्सप्रेस वे द्वितीय पानीपत, शामली, मेरठ, जेवर को जोड़ते हुए नूह, भिवाड़ी,रेवाड़ी, झज्जर, रोहतक से पानीपत तक जाएगा.



गोलाकार क्षेत्रीय एक्सप्रेस वे तृतीय करनाल,

मुजफ्फरनगर, गढ़मुक्तेश्वर, नरौरा, अलीगढ़, मथुरा, डीग, अलवर, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी, जींद, कैथल व करनाल को जोड़ने का प्रस्ताव है. वही इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए भी पर्याप्त ई -वाहन चार्जिंग बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा. एनसीआर के शहरी क्षेत्रों में 3 बाई 3 किलोमीटर के ग्रेड में कम से कम एक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई गई.