भारत में चलती है,दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन,(वासुकी) 295 डिब्बे और 5 इंजन के साथ, जानते है विस्तार से

``` ```

नई दिल्ली : भारतीय रेल दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क माना जाता है। हर दिन भारतीय रेलवे में करीब 3 करोड़ यात्री सफर करते हैं।

इसलिए भारतीय रेलवे द्वारा भी ट्रेनों की बेहतर सुविधा देने का प्रयास किए जा रहे हैं। कई ट्रेनों की स्पीड को बढ़ाया जा रहा है

और देश में हाइस्पीड ट्रेनों को लाने का प्रयास भी किया जा रहा है।वहीं आज हम आपको भारतीय रेलवे से जुड़ी एक खास जानकारी देने वाले हैं। बता दें कि भारतीय रेलवे द्वारा

दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन का संचालन भी किया जाता है। इस ट्रेन का नाम वासुकी है। इस ट्रेन की खासियत जानने के

बाद वाकई आप भी हैरान हो जाएंगे। इस ट्रेन के नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है। आइए जानते हैं खबर को विस्तार से

इस रूट पर चलाई जाती है वासुकी

भारतीय रेल अपने नाम कई रिकॉर्ड कर चुका है। वहीं दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन का संचालन करने का रिकॉर्ड भी भारतीय रेलवे के नाम ही है।

यह भी पढ़ें  रसोई गैस हुई सस्ती, सिर्फ 600 रुपए में बुक करवाएं LPG Gas Cylinder

बताया जाता है कि दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन वासुकी है जिसे भारत में ही चलाया जाता है। इस ट्रेन के सहारे भारी मात्रा में माल का आयात और निर्यात किया जाता है।

वहीं इस ट्रेन के एक छोर से दूसरे छोर पर पहुँचने के लिए भी ऑटो की जरूरत पड़ती है।जानकारी के अनुसार इस ट्रेन का संचालन रायपुर रेल मंडल से भिलाई के बिलासपुर रेल मंडल

के कोरबा तक चलाया जाता है। इस ट्रेन में कई खास सुविधाएं भी जो माल को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाना काफी आसान बना देती हैं।

इस ट्रेन के बारे में खुद पूर्व रेल मंत्री पीयूष गोयल भी बता चुके हैं। पिछले साल से ही इस ट्रेन का संचालन शुरू हुआ है।

ट्रेन में लगे हैं 295 डिब्बे

जानकारी के अनुसार इस ट्रेन में 295 डिब्बे हैं। वहीं ट्रेन को 5 इंजनों के सहारे चलाया जाता है। ट्रेन की लंबाई 3.5 किमी है जो काफी ज्यादा है।

यह भी पढ़ें  दिल्ली से शिमला वोल्वो बस का टिकट दिखाकर, शिमला की बसों में कर सकते है फ्री सफर। देखें

इस मालगाड़ी को चलाने के लिए रूट पर लाग ट्रैक भी बना दिए गए हैं जिन्हें डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का नाम दिया गया है। अब दावा किया जा रहा है

कि इस ट्रेन का नाम दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन होने का भी अनोखा रिकॉर्ड है। इससे पहले भी भारत शेषनाग और एनाकोंडा नाम से लंबी ट्रेनों का संचालन कर चुका है।