जल्द ही उत्तरी और दक्षिण दिल्ली के पार्को में खुलेंगे मिल्क बूथ, दिल्ली नगर निगम ने बनाई योजना

``` ```

Delhi Milk Booth एमसीडी के अनुसार अब तक पूर्वी दिल्ली में 38 पार्कों में मिल्क बूथ खोले जा चुके हैं। मिल्क बूथ खोलने वाली कंपनी को ही पार्क का रखरखाव करना होगा इसके बदले एमसीडी कोई किराया नहीं लेगा।

एकीकृत नगर निगम में टैक्स से लेकर योजनाओं में पूर्वकालिक दक्षिणी निगम के माडल लागू हो रहे हैं, लेकिन पहली बार पूर्वकालिक

पूर्वी निगम का माडल पूरे एमसीडी क्षेत्र में लागू होने जा रहा है। पूर्वी दिल्ली की तर्ज पर एमसीडी जल्द ही दक्षिणी और उत्तरी क्षेत्र के इलाके में निगम के पार्कों में मिल्क बूथ खोलने का फैसला ले सकती है।

MCD के पार्कों का रखरखाव भी होगा बेहतर

इसके लिए उद्यान विभाग ने अपना प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दिया है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो उत्तरी और

दक्षिणी दिल्ली इलाके में एमसीडी के पार्कों का रखरखाव भी बेहतर होगा। साथ ही लोगों को दैनिक जरूरत की वस्तुएं पास ही खरीदने को मिल जाएंगी।

एमसीडी के अनुसार, पूर्वी दिल्ली के 38 पार्कों में मिल्क बूथ खोले जा चुके हैं। मिल्क बूथ लेने वालों को ही उस पार्क का रखरखाव करना होगा।

यह भी पढ़ें  दिल्ली वालों को डबल डेकर ब्रिज की बड़ी सौगात, सबसे बिजी रुट पर ऊपर दौड़ेगी मेट्रो और नीचे वाहन

निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चूंकि निगम की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, ऐसे में इस योजना से पार्कों का आसानी से और मुफ्त में रखरखाव हो जागएा।

इसके लिए उद्यान विभाग ने अपना प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दिया है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो उत्तरी और

दक्षिणी दिल्ली इलाके में एमसीडी के पार्कों का रखरखाव भी बेहतर होगा। साथ ही लोगों को दैनिक जरूरत की वस्तुएं पास ही खरीदने को मिल जाएंगी।

पार्क की मरम्मत और हरियाली का भी रखना होगा ध्यान

निगम अधिकारी उन पार्कों को चिह्नित कर रहे हैं, जिनमें कोई मिल्क बूथ खोला जाए तो वह चल जाए। जिस कंपनी को यह बूथ रखरखाव के लिए दिए जाएंगे,

उस कंपनी को पार्क की मरम्मत और हरियाली का ध्यान रखना होगा।ऐसे में निगम पर पार्कों के रखरखाव का बोझ नहीं पड़ेगा। जिसका लाभ सीधे जनता को भी मिलेगा।

अधिकारी ने बताया कि उत्तरी दिल्ली इलाके में 137 पार्क ऐसे हैं, जिनको इसके लिए चिह्नित किया गया है। उच्च अधिकारियों की अनुमति मिलते ही इनका आवंटन हो जाएगा।

यह भी पढ़ें  दिल्ली की सड़कों पर Accident मे घायल लोगो की मदद के लिए जारी हुआ नोटिफिकेशन, जाने पूरी डिटेल

उन्होंने बताया कि यह ऐसे पार्क हैं, जिनका क्षेत्रफल डेढ़ एकड़ के पास है। दक्षिणी दिल्ली की बात करें तो यहां पर पूर्वकालिक दक्षिणी निगम ने किराये के आधार पर मिल्क बूथ

के आवंटन का फैसला लिया था, चूंकि अब तीनों निगम को एकीकृत कर दिया है।ऐसे में उत्तरी और पूर्वी दिल्ली की नीति लगभग एक समान है। ऐसे में संभावना है कि दक्षिणी दिल्ली में भी उत्तरी और पूर्वी की तर्ज पर मिल्क बूथ आवंटित किए जाए।

मालियों के पद हैं रिक्त

नगर निगम के पास मालियों के कई पद रिक्त हैं। ऐसे में पार्कों के रखरखाव के लिए मालियों और चौकीदार की आवश्यकता होती है।

मिल्क बूथ योजना आवंटन से नगर निगम को इन पदों को भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे नगर निगम पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।