दिल्ली-सहारनपुर राजमार्ग का निर्माण कार्य लेगा 5 हजार से अधिक पेड़ों का बलिदान

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छह लेन वाले दिल्ली-सहारनपुर राजमार्ग ( Delhi-Saharanpur Highway) के निर्माण के दौरान 5 हजार से अधिक पेड़ काटे जाएंगे.

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण- एनएचएआई (National Highways Authority of India -NHAI) के आधिकारिक दस्तावेजों से यह जानकारी मिली

है. छह लेन वाले दिल्ली-सहारनपुर राजमार्ग के निर्माण के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में 5,104 से अधिक पेड़ काटे जाएंगे.

राजमार्ग के निर्माण में वनभूमि के पेड़ काटे जाने हैं उप वन संरक्षक (मध्य) के अनुसार, अनुमानित वन भूमि पर 5,104 पेड़ काटे जाएंगे. गौरतलब है कि दिल्ली में कुल 9.58 हेक्टेयर क्षेत्र में वन भूमि होने का अनुमान है.

हालांकि इन पेड़ों को काटे जाने की एवज में क्षतिपूर्ति के तौर पर 8.66 करोड़ रुपये की लागत से एनटीपीसी इको पार्क बदरपुर में वृक्षारोपण किया जाएगा.

दिल्ली-सहारनपुर राजमार्ग का दिल्ली वाला हिस्सा अक्षरधाम राष्ट्रीय राजमार्ग-नौ जंक्शन से उत्तर प्रदेश के साथ शहर की सीमा तक फैला हुआ है.

नहीं हुआ वन (संरक्षण) अधिनियम का उल्लंघन

उप वन संरक्षक की स्थल निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के उल्लंघन की कोई सूचना नहीं मिली है. इसके अलावा, यह वन क्षेत्र किसी राष्ट्रीय उद्यान,

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किसी वन्यजीव अभयारण्य, बायोस्फीयर रिजर्व, बाघ अभयारण्य, हाथी अभयारण्य या वन्यजीव प्रवास गलियारा का हिस्सा नहीं है. इसके साथ ही, यह किसी

पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र में नहीं आता है. हालांकि, यह क्षेत्र ओखला पक्षी अभयारण्य स्थल से 5.45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने छह लेन वाले दिल्ली-सहारनपुर राजमार्ग को ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य है. इसके बनने के बाद सहारनपुर और देहरादून तक

जाना आसान हो जाएगा. इसके साथ ही खजूरी पुश्ता रोड और वजीराबाद सड़क पर वाहनों का दबाव कम होने से इन दोनों सड़कों पर जाम की परेशानी दूर हो जाएगी.

यह राजमार्ग भारतमाला परियोजना के तहत प्रस्तावित है. इसकी लंबाई 150 किलोमीट होगी. यूपी बार्डर (लोनी) से

सहारनपुर तक राजमार्ग के 140.55 किलोमीटर वाले भाग का दूसरे, तीसरे और चौथे चरण का काम बहुत पहले से चल रहा है