दिल्ली मे पुराने वाहन होंगे अब स्‍कूल कैब के लिए इस्तेमाल, जाने कैसे दे सकते है आवेदन

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दिल्‍ली परिवहन विभाग पुराने वाहनों को स्‍कूल कैब के रूप में चलाने को लेकर विचार कर रहा है बशर्ते वे फिटनेस और अन्‍य मानकों को पूरा करते हों।

दिल्‍ली में नैशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल के आदेशनुसार 10 और 15 साल से पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

अगर सबकुछ ठीक रहा तो दिल्‍ली में पुराने वाहनों को स्‍कूल कैब के रूप में प्रयोग किया जा सकेगा। दिल्ली परिवहन विभाग पुराने वाहनों को स्कूल कैब के रूप में रजिस्‍ट्रेशन की

अनुमति देने के लिए दिशा-निर्देशों में बदलाव करने पर विचार कर रहा है, बशर्ते वे फिटनेस और अन्य मानकों को पूरा करते हों। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने सार्वजनिक परिवहन को

बसों की बढ़ती मांग को देखते हुए नए शैक्षणिक सत्र से शहर के स्कूलों को बसें उपलब्ध कराने की सुविधा बंद करने का फैसला किया है। इसके मद्देनजर पुराने वाहनों को स्कूल कैब के रूप में पंजीकरण पर विचार किया जा

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परिवहन विभाग के एक सूत्र ने कहा, मौजूदा समय में केवल नए वाहनों को स्कूल कैब के रूप में पंजीकृत किया जा सकता है। हालांकि, परिवहन विभाग के साथ उचित

पंजीकरण के बिना बड़ी संख्या में वाहनों का उपयोग इस उद्देश्य के लिए किया जा रहा है। गौरतलब है कि दिल्‍ली में नैशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल के आदेशनुसार 10 और 15 साल से पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

सूत्र ने कहा कि मौजूदा समय में स्कूलों और अभिभावकों की तरफ से बड़ी संख्या में किराए पर ली गई वैन और कैब परिवहन विभाग की अनिवार्य आवश्यकताओं

और मानकों को पूरा नहीं करते हैं। अधिकारियों ने कहा कि शहर में 9,000 से अधिक वाहन स्कूल कैब के रूप में पंजीकृत हैं, जबकि बड़ी संख्या में वाहनों का बिना किसी औपचारिक पंजीकरण के ही संचालन किया जाता है।