दिल्ली को जल्द ही मिलेगी 4 नए अस्पतालों की सौगात, तैयार अस्पताल करेंगे जनता का उद्धार

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दिल्लीवालों को अगले साल तीन नए अस्पताल मिलेंगे। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को अस्पतालों के निर्माण कार्य को लेकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

ये अस्पताल ज्वालापुरी, मादीपुर और हस्तसाल (विकासपुरी) में बन रहे हैं। एक अस्पताल का निर्माण सिरसपुर में किया जा रहा है, जो 2024 तक तैयार होगा।

इन चारों अस्पतालों की कुल बेड क्षमता 3237 है। ज्वालापुरी, मादीपुर व हस्तसाल (विकासपुरी) में प्रत्येक में 691-691 बेड्स की क्षमता होगी। ज्वालापुरी व मादीपुर में बन रहे

अस्पतालों का काम 50 फीसदी पूरा हो चुका है।इन तीनों अस्पतालों का निर्माण कार्य 2023 तक पूरा हो जाएगा। वहीं, सिरसपुर में बन रहे 1164 बेड की क्षमता वाले 11 मंजिला

अस्पताल का 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है। कोरोना और सर्दियों में प्रदूषण की वजह से निर्माण कार्य रोके जाने के कारण निर्माण में देर हुई है, लेकिन 2024 के शुरुआत में

बनकर तैयार हो जाएगा। बैठक में द्वारका सेक्टर-9 स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल व 6836 आईसीयू बेड्स की क्षमता के साथ बनाए जा रहे सात नए सेमी-परमानेंट अस्पतालों की

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प्रगति पर भी चर्चा हुई।सिसोदिया ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी अस्पतालों का निर्माण कार्य समय रहते पूरा किया जाए। गुणवत्ता के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार का उद्देश्य अपने सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना है इस दिशा में दिल्ली में तैयार किए जा रहे नए अस्पताल मील का पत्थर साबित होंगे।

सात सेमी परमानेंट अस्पताल भी होंगे तैयार
कोरोना जैसी महामारियों के साथ-साथ गंभीर मरीजों के इलाज के लिए सरकार 6836 आईसीयू बेड की क्षमता वाले सात सेमी-परमानेंट अस्पताल तैयार कर रही है।

सरकार शालीमार बाग में 1430 बेड, किराड़ी में 458 बेड सुल्तानपुरी में 527 बेड्स, जीटीबी परिसर में 1912 बेड, गीता कॉलोनी में चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में 596 बेड,

सरिता विहार में 336 बेड और रघुवीर नगर में 1577 बेड की क्षमता वाले अस्पताल का निर्माण करवा रही है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सभी जगहों पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।

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