जेवर और दिल्ली को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाली मेट्रो को मिली मंजूरी,एनसीआर का सबसे बड़ा रूट होगा

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Noida International Airport : जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मेट्रो कनेक्टिविटी देने के लिए दिल्ली से जेवर तक परियोजना तैयार की जा रही है।

यह काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को सौंपा गया है। पूरे दिल्ली-एनसीआर में यह अब तक का सबसे बड़ा मेट्रो प्रोजेक्ट होगा। जिस पर करीब 13 हजार करोड़ रुपए

खर्च होने की संभावना है। परियोजना की फंडिंग कैसे होगी? इस मसले पर बुधवार को यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (Yamuna Authority) की बोर्ड

बैठक में विचार किया गया। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि फंडिंग पैटर्न के लिए प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है।

इस मेट्रो रूट पर स्टेशनों की संख्या कम रखी जाएगी और गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। भविष्य में इस मेट्रो लाइन को एयरपोर्ट मेट्रो में कन्वर्ट किया जाएगा।

भविष्य में से शिवाजी स्टेशन और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के लिए चलने वाली एयरपोर्ट मेट्रो से जोड़ा जाएगा। इसके लिए एयरपोर्ट मेट्रो की दूसरी फिजिकलिटी रिपोर्ट और डीपीआर डीएमआरसी तैयार करेगी।

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डीपीआर और फिजिबिलिटी रिपोर्ट को मिली मंजूरी
डॉक्टर अरुणवीर सिंह ने बताया, “दिल्ली से ग्रेटर नोएडा में नॉलेज पार्क-2 तक मेट्रो की फिजिबिलिटी रिपोर्ट डीएमआरसी ने तैयार की है।

इसी तरह नॉलेज पार्क-2 से जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे तक प्रस्तावित मेट्रो रूट की डीपीआर भी तैयार की गई है। इसके लिए 2 सितंबर 2021 को डीएमआरसी के साथ यमुना

अथॉरिटी का एग्रीमेंट हुआ था। फिजिबिलिटी रिपोर्ट और डीपीआर मिल गई हैं।” सीईओ ने आगे बताया, “नॉलेज पार्क से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक मेट्रो रूट के लिए जो

डीपीआर डीएमआरसी ने दी है, उसके मुताबिक 6,326.29 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसमें टेक्स भी शामिल है। इस रूट पर 7 स्टेशन बनाए जाएंगे।

जिनमें से एक अंडरग्राउंड होगा। मेट्रो की अधिकतम स्पीड 135 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। टोटल ऑपरेशनल स्पीड

120 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। बोर्ड ने डीपीआर को मंजूरी दे दी है। डीपीआर को राज्य सरकार से मंजूरी लेने के लिए भेजा जा रहा है।

मेट्रो की अधिकतम स्पीड 135 किलोमीटर प्रति घंटा
अरुणवीर सिंह ने बताया, “ग्रेटर नोएडा में नॉलेज पार्क-2 से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक नए मेट्रो रूट की फिजिबिलिटी स्टडी की गई है। जिसकी ड्राफ्ट रिपोर्ट डीएमआरसी ने दे दी है।

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नॉलेज पार्क-2 से नई दिल्ली स्टेशन तक प्रोजेक्ट पर कुल लागत 7,630 करोड़ रुपये आने की संभावना है। इस फिजिबिलिटी रिपोर्ट को बुधवार को बोर्ड से मंजूरी दी गई है।

इस रूट पर 4 स्टेशन होंगे। एक स्टेशन अंडरग्राउंड होगा। रूट के इस हिस्से पर मेट्रो की अधिकतम स्पीड 135 किलोमीटर प्रति घंटा और टोटल ऑपरेशन स्पीड 24 किलोमीटर प्रति घंटा

रहेगी। अब डीएमआरसी नॉलेज पार्क-2 से दिल्ली मेट्रो स्टेशन तक एयरपोर्ट मेट्रो परियोजना की डीपीआर तैयार करेगा।

एसीएस की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक
यमुना प्राधिकरण की 74वीं बोर्ड बैठक बुधवार चेयरमैन अरविंद कुमार की अध्यक्षता में हुई। वह राज्य के अपर मुख्य सचिव (औद्योगिक विकास) हैं।

बैठक में यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ ऋतु माहेश्वरी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ सुरेंद्र सिंह, यमुना प्राधिकरण के

एसीईओ मोनिका रानी, रविंद्र सिंह, ओएसडी शैलेंद्र भाटिया शामिल हुए। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नई दिल्ली को मेट्रो के जरिए जोड़ा

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जाएगा। इसके लिए यमुना प्राधिकरण डीएमआरसी से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट और फीजिबिलिटी रिपोर्ट बनवाई है। जेवर से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक 72.94 किलोमीटर के यह कॉरिडोर दो चरणों में बनेगा।

पुराने कॉरिडोर इस्तेमाल करने की कोशिश
डीएमआरसी ने जेवर से ग्रेटर नोएडा तक की डीपीआर और ग्रेटर नोएडा से नई दिल्ली तक फीजिबिलिटी रिपोर्ट सौंप चुका है। प्राधिकरण बोर्ड ने बुधवार को दोनों रिपोर्ट पर मुहर लगा दी

है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह ने बताया कि ग्रेटर नोएडा से नई दिल्ली तक के कॉरिडोर में मेट्रो के पहले से बने कॉरिडोर के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

इसमें नॉलेज पार्क-2 ग्रेटर नोएडा से नोएडा सेक्टर-142 तक एक्वा लाइन मेट्रो और न्यू अशोक नगर से अक्षर धाम ब्लू लाइन मेट्रो कॉरिडोर का इस्तेमाल हो सकता है।

इसकी डीपीआर डीएमआरसी बनाएगा। वह डीपीआर में पुराने कॉरिडोर के इस्तेमाल पर अपनी राय देगा।